मुंबई, 12 अप्रैल. मुंबई हमलों के दौरान जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी आमिर अजमल कसाब का खर्च उठाने में महाराष्ट्र सरकार को पसीना छूट रहा है. कसाब की सुरक्षा करने वाले केंद्रीय दल इंडो-तिब्बेटियन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) ने महाराष्ट्र सरकार को 19 करोड़ 28 लाख रुपए का बिल भेज दिया है. महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार से इस खर्च को माफ करने का अनुरोध किया है.

गृह मंत्री आर.आर. पाटील ने बुधवार को राज्य विधानपरिषद को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि केंद्र से आग्रह किया गया है कि 26/7 का हमला सिर्फ मुंबई पर हमला न होकर पूरे देश पर हमला था. इसलिए आईटीबीपी का बिल केंद्र सरकार को माफ कर देना चाहिए. महाराष्ट्र सरकार ने इस बारे में केंद्र सरकार को बाकायदा लेटर लिखा है. शिवसेना नेता रामदास कदम ने जेलों में कैदियों की बढ़ती संख्या के कारण दबाव को लेकर ध्यानाकर्षण सूचना रखी थी. पाटील इसी का उत्तर दे रहे थे. जयंत पाटील ने इस बारे में सफाई मांगी कि क्या कसाब के खाने के लिए छह अलग खानसामे रखे गए हैं? पाटील ने बताया कि ये खानसामे अलग-अलग ड्यूटी में काम कर रहे थे. उन्होंने मजाक में कहा, अगर कसाब इतना खाना खाता तो अब तक मर जाता. गृह मंत्री ने कसाब पर हो रहे खर्च का ब्योरा पेश करते हुए साफ किया कि महाराष्ट्र सरकार चाहती है कि उसे जल्द से जल्द फांसी पर लटकाया जाए. तेजी से कसाब पर मुकादमा चलाकर महाराष्ट्र सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी है.

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