नई दिल्ली 28 नवंबर.  टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने किरन बेदी मामले में जज पर दबाव में एफआईआर दर्ज कराने का आदेश देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जज साहब ने  फर्जी  शिकायत पर किरन बेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया , इससे ऐसा लगता है कि वह दवाब में थे।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा ,  कॉमनवेल्थ गेम्स में भ्रष्टाचार से जुड़े केस में 370 पेज का प्रमाण दिया गया था , पर जज ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने का आदेश नहीं दिया था। लेकिन किरन बेदी के केस में जज साहब ने सही सबूत नहीं मिलने के बावजूद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया।  केजरीवाल ने कहा कि इस मामले में जज साहब ने दवाब में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। क्या उनके इस तरह के बयान पर कोर्ट की अवमानना का मामला नहीं बनेगा? इस पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह कोर्ट की अवमानना नहीं कर रहे हैं बल्कि वह यह कह रहे हैं कि कोर्ट ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के कई निर्देशों को नजरंदाज किया है।

उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि किरन बेदी पर लगाए गए सारे आरोप फर्जी हैं और उनमें कोई सच्चाई नहीं है। अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘ पटियाला हाउस कोर्ट ने किरण बेदी और उनकी संस्था पर लगे आरोपों के बाद जो आदेश दिया है वह गलत है। टीम अन्ना इस पर आपत्ति जता रही है। उन्होंने कहा कि इस ऑर्डर के खिलाफ तमाम तथ्य उनके पास है। उन्होंने कहा कि अभी इस मामले प्राइमा फेसी एविडेंस भी कोर्ट में पेश नहीं किए गए हैं। केजरीवाल बोले, ‘ वेदांता ने टीम अन्ना को लिख कर दे दिया है कि उनके साथ कोई धोखाधड़ी किरण बेदी या उनकी संस्था द्वारा नही की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि माइक्रो सॉफ्ट भी यही बात लिख कर देने को तैयार है। केजरीवाल के मुताबिक सिर्फ देवेन्द्र सिंह चौहान की कम्पलेंट पर यह मुकदमा दर्ज करना गलत है जबकि जिन्हें वादी कहा जा रहा है वे खुद आरोपों से इनकार कर रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि किरन बेदी ने कोई जालसाजी नहीं की और उन्होंने कोई धोखाधड़ी नहीं की। उन्होंने कहा कि उन पर एफआईआर सिर्फ इसलिए दर्ज किया गया है क्योंकि वह एक मजबूत लोकपाल की मांग कर रही है।

गौरतलब है कि शनिवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए टीम अन्ना की प्रमुख सदस्य किरन बेदी के एनजीओ इंडिया विजन फाउंडेशन के खिलाफ 24 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने क्राइम ब्रांच को किरण बेदी के एनजीओ के खिलाफ विदेशी कंपनियों और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर धोखाधड़ी तथा कोष में अनियमितता के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने किरण बेदी की एनजीओ और मुंबई की वेदांता फाउंडेशन के खिलाफ विदेश से मिले दान के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया था। याचिका कर्ता देवेंद्र चौहान ने किरन बेदी पर सरकारी जमीन का किराया वसूल करने का भी आरोप लगाया था।

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