श्रमिकों की ज्वलंत मांगों का 15 दिन में निदान का किया आह्वïन

भोपाल, 21 जून, नभासं. भेल नगर प्रशासन कार्यालय के सामने केटीयू यूनियन ने भेल कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं का समाधान शीघ्र करवाने को लेकर बुधवार को प्रबंधन का ध्यानाकर्षण करने हेतु हल्लाबोल प्रदर्शन किया.

इस अवसर पर केटीयू यूनियन के वरिष्ठ नेता जे.एस. पुरी ने अपने सम्बोधन में कहा कि जहां एक ओर कर्मचारी कारखाने के उत्पादन करने में कड़ी मेहनत से जुटा रहता है वहीं दूसरी ओर उसके रहने वाले आवास में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. यहां पर कर्मचारियों को यूनियन के अध्यक्ष आर.एस. ठाकुर ने संबोधित करते हुये कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख समस्यायें छतों पर डामरीकरण, पानी एवं सीवेज लाइन चोक को लेकर यूनियन कई बार मौखिक एवं लिखित रूप में प्रबंधन को अवगत करा चुकी है लेकिन उक्त समस्याओं का अभी तक समाधान नहीं किया गया है.

इसलिये आखिरकार यूनियन ने प्रदर्शन सहित आंदोलन करने के लिये बाध्य होना पड़ा है. जहां एक तरफ प्रबंधन चार करोड़ रुपये सालाना बजट प्रायवेट सुरक्षा एजेंसी पर खर्च कर रही है, इसके बावजूद आयेदिन टाउनशिप में चोरी होने की वारदातें सुनाई पड़ती हैं. इसके अलावा प्रबंधन 18 करोड़ रुपये टाउनशिप की सुरक्षा दीवार बनाने में खर्च करने जा रही है. जबकि भेल कर्मचारियों को तीन हजार से लेकर सात हजार रुपये मासिक किराये के क्वाटर्स में कोई सुविधा नहीं मिल पाई है. यहां तक कि अंदरूनी सड़कों पर जगह-जगह गड्ढïे हो गये हैं. उन्होंने प्रबंधन से आग्रह किया है कि पहले आवासों की छत की मरम्मत, कमरों एवं बाथरूम टाईल्स, नये किचन स्टैंड, वाश बेसिन, ओवर हेड टैंक, फेङ्क्षसग एवं गेट लगाने के कार्य को पूर्ण कर कायाकल्प किया जाये. इसके बाद ही अन्य कामों में पैसा खर्च किया जाये. ठाकुर ने विशेष रूप से ठेकेदारों की कार्यशैली पर प्रश्न लगाते हुये कहा कि ठेकेदारों द्वारा अब गुणवत्तापूर्ण काम समय सीमा में पूर्ण नहीं किया गया तो यूनियन ठेकेदारों के प्रति सख्त रवैया अपनाने में पीछे नहीं हटेगी. इस प्रदर्शन के अंतिम दौर में नारेबाजी करने के दौरान केटीयू यूनियन के महामंत्री मोहम्मद फारुख, मोहन चौहान, रामनारायण गिरि, एम.के. काशिव, रामाश्रय एवं ईश्वर राव इत्यादि शामिल थे.

दिलाया भरोसा-  इस प्रदर्शन के उपरांत यूनियन का प्रतिनिधि मंडल नगर प्रशासक ए.के. चतुर्वेदी से मिला तो चतुर्वेदी ने विश्वास दिलाया कि आवासों की छतों का डामरीकरण एवं मरम्मत का काम मानसून दौर में भी मौसम के रुख के मुताबिक कराने का प्रयास जारी रहेगा. साथ ही सीवेज समस्याओं के निदान हेतु आगे और तेजी से काम कराने का प्रयास भी किया जायेगा. उनकी कोशिश रहेगी कि शीघ्रातिशीघ्र कर्मचारियों को स्वस्थ परिवेश रहने को मिले.

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