इल्लियों से भारी नुकसान

बैरागढ़ 2 सितम्बर (संवाददाता) राजधानी से लगे कई गांवो के किसानो को अब अधिक बरसात से वे काफी दुखी है. इसका मुख्य कारण सोयाबीन की फसल अधिक नमी के कारण उनके पेड व फ ली गलने लगी है और पौधो को अब पूरी तरह सूरज की किरण की जरुरत है अगर इसी तरह बरसात रही तो वह दिन दूर नहीं जब लाखो की फसल चोपट होने से इंकार भी नहीं किया जा सकता है.

किसानो का कहना है कि अगर यही हालात रहे तो सोयाबीन की फ सल पूरी तरह चोपट हो जाएगी इसका मुख्य कारण लगातार हो रही बरसात बताया जा रहा है. क्योंकि सोयाबीन के पेडो में लगने वाली फली गलने लगी है और गलकर जमीन में गिर रही है अगर इसी तरह बरसात निरंतर चलती रही तो फसल पूरी तरह चोपट होने के आसार है. किसानो ने बताया है कि सोयाबीन की फसल इस वर्ष अच्छी आने की उम्मीद लेकिन बरसात अधिक होने से पेड नीचे से गलने लगे है और उनमे फली भी ठीक ढंग से नहीं लग पा रही है क्योंकि अब सोयाबीन की फसल अधिक बरसात नहीं झेल पाएंगी ओर अगर इसी तरह बरसात होती रही तो वो दिन दूर नहीं जब राजधानी से लगे सैकडो गांवो के किसान की फसल पूरी तरह चोपट हो सकती है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजधानी से लगे फंदा विकास अंतर्गत ग्राम खजूरी सडक, तूमडा, कजलास, ईटखेडी, फदा, टीलाखेडी, रतनपुर, पाटनिया, बरखेडा सालम, बोंदरबरखेडा, खेजरादेव, ईटखेडी सडक, अचारपुरा, ग्राम कुराना, परवलिया सडक, बगोनिया, तारासेवनियां, मुगालिया हाट, झिरनिया, कलाखेडी, मनीखेडी कोट, मुबारकपुर, चंदूखेडी इन क्षेत्रो के किसान अब अधिक बरसात से दुखी है किसानो का कहना है कि सोयाबीन की फसल को अब सूरज की किरण की आवश्यकता है. तभी फसल अच्छी हो सकेगी ओर उनके पौधे भी अच्छे से पनप सकेगे. हालांकि किसान अधिक बरसात से खुश भी है क्योंकि आने वाली गेहूं और चने की फसल भी अच्छी होगी क्योंकि भरपूर वर्षा जो हुई है लेकिन उनके सामने अब यह सोयाबीन की फसल चोपट होने की चिंता सताने लगी है. उधर किसानो का कहना है कि सोयाबीन की फसल में ईल्लियों का भी प्रकोर बढने लगा है जहां रिंगकटर पूरी तरह फसल को काटने में लगी है.

रिंगकटर पेड के अंदर ही अंदर पौधो को पूरी तरह नष्ट कर देती है हालांकि किसानो द्वारा इल्ली मार दवाई का भी छिडकाव किया लेकिन मौसम खुला नहीं होने के कारण दवाई भी काम नहीं कर पाई जबकि दवाई का छिडकाव करने के बाद सूरज के किरण की जरुरत होती है. क्योंकि दवाई छिडकाव के बाद पौधे में दवाई का असर दिखने लगता है. लेकिन पिछले दिनो से लगातार हो रही बरसात से ईल्ली मार दवाई भी पौधो को बचा नहीं पा रही है इस तरह किसानो की फसल पूरी तरह नष्ट होने के कंगार पर है. किसानो ने भी बताया अगली फसल की उम्मीद नहीं है कि वह भी ठीक ढंग से किसानो के हाथो में आ जाए.

किसानो का कहना:
मैंने करीब 50 एकड भूमि में इस बार सोयाबीन बोया है लेकिन अब हमें यह चिंता सता रही है कि बरसात थमी नहीं तो फसल पूरी तरह चोपट हो जाएगी. इसका मुख्य कारण पेडो को सूरज की किरण की जरुरत है और क्योंकि सोयाबीन के पौधो में लगने वाली (फली) अधिक बरसात के कारण गलकर जमीन में गिर रही है इससे हमारी चिंता बढ गई है.

सुमेर सिंह मण्डलोई
कृषक ग्राम कुराना

झमाझम बारिश से किसानो के चेहरे तो खिले है लेकिन अधिक बरसात से हमारी चिंता ओर बढ गइर है इसका मुख्य कारण सोयाबीन की फसल चोपट होनी की उम्मीद है. सोयाबीन की फसल अधिक बरसात नही झेल पाएगी ओर इसी तरह बरसात चलती रही तो वो दिन दूर नहीं जो किसानो की फसल चोपट हो जाएगी.

मोहर सिंह मेवाडा
कृष्क खजूरी सडक

मैंने अपनी 25 एकड जमीन में सोयाबीन बोया है लेकिन झमाझम हो रही बरसात से हमें चिंता लगी है कि कई इस बार सोयाबीन की फसल चोपट न हो जाये. क्योंकि सोयाबीन के पौधे अधिक नमी के कारण नीचे से गल रहे है और उनमे अच्छे ढंग से फल भी नहीं आ रहे है.

जगदीश मीना
कृषक ग्राम खेजडादेव

का कहना है कि बरसात से इसी तरह अगर बरसात होती रही तो वो दिन दूर नहीं किसान अच्छी फसल व बरसात से काफी खुश थे उन्हे अब यह चिंता सताने लगी है. अगर बरसात इसी तरह चलती रही तो फसल चोपट हो सकती है.

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