मुंबई. वेतन बकाये के भुगतान पर किंगफिशर प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच सोमवार को हुई बैठक बेनतीजा रही. विजय माल्या के नेतृत्व वाली एयरलाइंस ने इस बारे में कोई आश्वासन देने से इंकार कर दिया.

पांच महीने से वेतन नहीं मिलने से गुस्साए दौ सौ पायलट रविवार से हड़ताल पर चले गए हैं. सोमवार को दूसरे कर्मचारी भी इसमें शामिल हो गए. इसके चलते कंपनी को अपनी कई उड़ानें रद करनी पड़ी है. सूत्रों के मुताबिक दूसरे दौर की  बातचीत  गुरुवार  को हो सकती है. बैठक के बाद पायलटों के प्रतिनिधि कैप्टन यतिन पंडित और दूसरे कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि एक घंटे की बैठक में समस्या का कोई समाधान नहीं निकला. फरवरी से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। प्रबंधन से दो महीने का वेतन तुरंत देने की मांग की गई थी मगर इस पर भी कोई भरोसा नहीं मिला. इसे देखते हुए कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन आगे भी जारी रखने का फैसला किया है.

हालांकि पंडित ने कहा कि जो पायलट हड़ताल पर नहीं गए हैं वे उड़ान जारी रखेंगे. कर्मचारी न तो कंपनी छोड़ सकते हैं और न ही वेतन के बगैर रह सकते हैं। हमें नहीं पता कि अब कौन इस समस्या का समाधान निकालेगा क्योंकि ऐसी स्थिति में ंमहीनों से वेतन बकाया होने पर किसी स्पष्ट नियम कानून का अभाव है. बैठक में प्रबंधन की ओर से किंगफिशर के सीईओ संजय अग्रवाल, कार्यकारी उपाध्यक्ष हितेश पटेल और सीएफओ एचजी रघुनाथ शामिल हुए. वहीं कर्मचारियों की ओर से पायलट, केबिन क्रू, इंजीनियर और ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक के बाद प्रबंधन के लोग मीडिया से बात किए बिना चले गए. एयरलाइंस प्रवक्ता से जब इस बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.

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