नई दिल्ली, 27 मार्च. पहले से आर्थिक संकट जूझ रही किंगफिशर के लिए सोमवार का दिन भी बड़ा मुश्किल भरा रहा. शेयर बाजार में किंगफिशर की शराब कंपनी के शेयर ताश के पत्तों की तरह गिर गए. शेयर बाजार में पूरे दिन ही कंपनी के शेयरों के लिए गिरावट का दौर चलता रहा.

एनएसई व बीएसई में कंपनी के शेयरों में 5-8 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है. गौरतलब है कि कंपनी के शेयर में अब तक की यह सबसे अधिकतम गिरावट है. शेयर मार्केट में आई गिरावट के बाद किंगफिशर को आईसीआईसीआई बैंक की ओर से एक और झटका मिल गया. शेयर मार्केट में हुई गिरावट को देखते हुए बैंक ने कंपनी को नोटिस भेजकर चेताया है ऋण अदायगी के अलावा कंपनी को अब सिक्योरिटी अमाउंट के तौर पर और अधिक राशि चुकानी होगी. हालांकि बैंक ने अभी तक इसके लिए कोई भी समयसीमा निर्धारित नहीं की है. वहीं किंगफिशर ने इस तरह का कोई भी नोटिस मिलने से इंकार किया है.

शेयर बाजार के जानकारों के मुताबिक किंगफिशर कंपनी के शेयर बाजार में गिरावट की बड़ी वजह किंगफिशर एयरलाइंस के 50 फीसदी कर्मचारियों की छटनी को भी माना जा रहा है. कंपनी ने इस बाबत अभी तक कोई सूची जारी नहीं की है. इन दिनों कंपनी ने अपने घरेलू व अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं में भी कटौती की है.

किंगफिशर ने कई शहरों की उड़ान सेवाएं स्थगित की

वित्तीय संकट से जूझ रही निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस ने कई शहरों की अपनी विमान सेवाएं कुछ समय के लिए स्थगित कर दी हैं. एयरलाइन ने नई पूंजी का प्रबंध होने तक कुछ कर्मचारियों को काम पर न आने को कहा है. ऐसे कर्मचारियों की संख्या की जानकारी नहीं दी गई है. किंगफिशर ने मंगलवार को ये घोषणाएं करते हुए कहा कि कई केंद्रों के लिए परिचालन अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया गया है. कंपनी ने नई पूंजी मिलने तक अपने परिचालन को सीमित रखने की योजना के तहत ये कदम उठाए हैं. एयरलाइन गंभीर वित्तीय संकट में है और इसके बहुत से कर्मचारी पिछले तीन महीने से वेतन नहीं पा रहे है.

कंपनी ने कर्मचारियों को हटाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है. उसका कहना है कि यह सब कंपनी के लिए पैसे की व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर बैंकों तथा सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा. किंगफिशर के एक प्रवक्ता ने कहा कि चूंकि हम नई पूंजी मिलने के बाद ही उन केंद्रों के लिए सेवाओं को फिर शुरू कर सकते हैं. इसलिए उन केंद्रों के ज्यादातर कर्मचारियों को काम पर नहीं आने को कहा गया है, पर उनका नाम कंपनी की सूची में बना रहेगा. प्रवक्ता ने ऐसे कर्मचारियों की संख्या की जानकारी नहीं दी.

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