भारतीय जनता पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एक अर्से से हर वर्ग के सम्मेलन, महा पंचायतें करने में जुट गये हैं. पंचों, सहकारिता, हाथ ठेला, महिला व किसानों के सम्मेलन इतने विशाल पैमाने पर हो रहे हैं कि उन्हें अधिवेशन ही कहा जाना चाहिए. भव्यता के साथ किये गये किसान महा पंचायत के साथ ही दिहाड़ी मजदूरों की भी महा पंचायत बुलाने की भूमिका बना ली गई है.

किसान महा पंचायत में घोषणा तो कोई अलग से नहीं की गई. जीरो ब्याज पर किसान ऋण, धान पर बोनस आदि की घोषणाएं पहले की जा चुकी हैं. इन्हीं घोषणाओं के लिये यह महा पंचायत मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का अभिनन्दन समारोह ही रहा. इसमें चुनावी माहौल भी बनाया है. इन महा पंचायतों का सही उद्देश्य भी राजनैतिक तैयारी का है. हर वर्ग को लाभ पहुंचाकर पार्टी के साथ जोडऩे का है. गत विधानसभा उपचुनावों व नगरीय निकायों के चुनाव से पार्टी में उत्साह बढ़ा है. रासायनिक खादों की कीमतों में वृद्धि पर केंद्र को किसान विरोधी निरुपित किया गया. गंभीर बीमारियों में किसानों को नि:शुल्क चिकित्सा सेवा दी गई है. कांग्रेस ने चुनावी तैयारी में अवैध खनन को अपना मुद्दा बनाया. बीच में इस मामले ने काफी जोर पकड़ भी लिया.

भारतीय जनता पार्टी की ओर से विभिन्न वर्गों की अलग-अलग महा पंचायतें हो रही हैं. भाजपा विकास बतायेगी और कांग्रेस उसके विरुद्ध भ्रष्टïचार बतायेगी. अगला साल चुनाव का है सरकार उस समय शहर व गांवों को 24 घंटे बिजली देने को लोगों के सामने लायेगी. दिहाड़ी मजदूरों के लिए 250 प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग उठाई गई है.

संस्थापक : स्व. रामगोपाल माहेश्वरी
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