मुंबई लय में लौटने को बेताब

कोलकाता. 11 मई. लगातार छह जीत के साथ अंक तालिका में दूसरे नंबर पर मौजूद कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम यहां शनिवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैदान में उतरेगी तो उसकी निगाहें एक बार फिर से आईपीएल-5 की तालिका में शीर्ष पर लौटने की ओर होंगी वहीं जीत की हैट्रिक बनाने के बाद हार झेलने वाली मुंबई के लिए जीत की पटरी पर लौटने की चुनौती रहेगी.

हालात ऐसे हैं कि मुंबई तालिका में कोलकाता से मात्र एक स्थान पीछे हैं लेकिन इस मैच में जीतकर भी वह कोलकाता को नंबर दो से अपदस्थ नहीं कर सकता है. मुंबई के फिलहाल 14 अंक हैं और जीत की सूरत में उसके 16 अंक हो जाएंगे लेकिन कोलकाता के खाते में पहले से ही 17 अंक है. फिर भी मुंबई को प्लेआफ की होड़ में बने रहने के लिए यह मैच जीतना ही होगा क्योंकि अब उसे केवल चार और मैच खेलने हैं.

ऐसे में एक भी हार उसका समीकरण बिगाड़ सकती है.अगर तालिका की होड देखें तो शनिवार का दिन आईपीएल के प्रशंसकों के लिए बेहद दिलचस्प रहने वाला है. इस दिन दोनों मैचों में वही चार टीमें खेल रही हैं जो इस वक्त तालिका में शीर्ष चार स्थानों पर बनी हुई हैं. ऐसे में टीमों की नजर अपने प्रदर्शन के अलावा दूसरी टीमों के परिणाम पर भी टिकी होगी. शनिवार को पहला मुकाबला जहां मुंबई और कोलकाता के बीच होगा वहीं दूसरे मुकाबले में दिल्ली डेयरडेविल्स और चेन्नई सुपर किंग्स की टीमें आमने सामने होंगी. शीर्ष दो स्थानों पर मौजूद दिल्ली और कोलकाता में जहां महज एक अंक का फासला है वहीं तीसरे और चौथे नंबर पर मौजूद मुंबई और चेन्नई में भी इतना ही अंतर है1 इसलिए किसी भी टीम को इस दिन जीत से कम कुछ भी मंजूर नहीं होगा.

दोनों टीमों के आंकडे देखें तो मुख्य रूप से मुकाबला लसित मलिंगा की अगुआई वाली मुंबई की गेंदबाजी और गौतम गंभीर की अगुआई में कोलकाता की बल्लेबाजी के बीच रहने वाली है. टूर्नामेंट में 20 विकेट ले चुके मलिंगा कभी भी किसी टीम के लिए मुश्किल खडी करने में सक्षम हैं वहीं सत्र के शीर्ष पांच बल्लेबाजों में शुमार गंभीर ने हर मैच में विपक्षी गेंदबाजों के छक्के छुडाये हैं. इन दोनों धुरंधरों के बीच इस सत्र की यह पहली भिडंत होगी.गंभीर का साथ देने के लिए उनकी टीम में जैक्स कैलिस. ब्रेंडन मैक्कुलम और मनोज तिवारी जैसे खिलाडी मौजूद हैं. गंभीर, कैलिस की जोड़ी टूर्नामेंट में खूब चली है और आगे के मैचों में भी कोलकाता का बहुत कुछ दारोमदार इन दोनों पर निर्भर करेगा.

मैक्कुलम अपनी आतिशी शुरुआत के लिए जाने जाते हैं और गंभीर उनसे स्वाभाविक खेल की उम्मीद करेंगे. मुंबई ऐसी टीम है जो इस सत्र में किसी एक बल्लेबाज के भरोसे नहीं रही है बल्कि उसके बल्लेबाजों ने बारी बारी से उपयोगी प्रदर्शन कर टीम को आगे बढ़ाया है. हालांकि उसकी कामयाबी का ताना, बाना मलिंगा एंड कंपनी के इर्द गिर्द बुना होता है. मलिंगा के अलावा मुनाफ पटेल और आलराउंडर कीरोन पोलार्ड ने विपक्षी टीमों को थामने में बड़ी भूमिकाएं निभायी हैं. कोलकाता की गेंदबाजी अपेक्षाकृत कमजोर नजर आती है और उसे सफलता के लिए बल्लेबाजी पर ज्यादा निर्भर रहना होगा. कैरेबियाई स्पिनर सुनील नारायण और दक्षिण अफ्रीकी आलराउंडर जैक्स कैलिस को छोड़ दें कोलकाता की गेंदबाजी फ्लाप कही जा सकती है. ऐसे में जब टूर्नामेंट अपने चरम की ओर जा रहा है कोलकाता के गेंदबाजों को नींद से जागना होगा और इसके लिए इस मैच से बेहतर कोई मौका नहीं होगा.

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