लखनऊ, 8 जनवरी. लोकमंच के अध्यक्ष अमर सिंह ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के शामिल होने से भाजपा की कलई खुल गई है. सिंह ने रविवार को यहां हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा कि कुशवाहा के भाजपा में शामिल होने से जो नुकसान हुआ है वह तो हुआ ही है इसके साथ ही भाजपा का अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया. भाजपा का दोहरा चरित्र भी आम जनता जान गई.

उन्होंने कहा कि कुशवाहा को लेकर भाजपा नेताओं की बयानबाजी से यह पता चलता है कि उनमें किस तरह का आपसी मतभेद है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही तथा पार्टी के तेज तर्रार सांसद योगी आदित्यनाथ के मतभेद खुलकर सामने आ गए. सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के साथ ही मेनका गांधी ने भी कुशवाहा को शामिल करने वालों को जमकर कोसा. इससे पता चलता है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में कितनी आपसी कलल है. गत चार जनवरी को दिल्ली में पार्टी में कुशवाहा को शामिल किए जाने के बाद भाजपा के साथ ही आम जनता में इसकी जबर्दस्त प्रतिक्रिया हुई. इस प्रतिक्रिया को देखते हुए भाजपा ने कुशवाहा के आग्रह पर कल पार्टी से उनकी सदस्यता स्थगित कर दी. समाजवादी पार्टी के लिए वोटकटवा कहे जाने पर सिंह ने आपत्ति की और कहा कि उनकी पार्टी चुनाव जीतने के लिए लड़ रही है हालांकि उनका मुख्य मकसद सपा को यादा से यादा नुकसा पहुंचाना है.

अमर-जयाप्रदा के खिलाफ एक और मुकदमा

कानपुर. राष्ट्रीय लोकमंच पर टिकट देने का वादा कर पार्टी के प्रचार व प्रसार के नाम पर दस लाख रुपये खर्च कराने के आरोप का प्रार्थना पत्र सीएमएम पीयूष पांडेय की अदालत में दाखिल हुआ तो मामला बतौर शिकायत [परिवाद] दर्ज कर लिया गया. इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव अरविंद सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा व कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष उबैदउल्ला के खिलाफ धमकी देने का आरोप लगाया गया है.

अगली सुनवाई दस जनवरी को होगी. अनवरगंज सकेरा स्टेट के रविशंकर बाल्मीकि लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं. उन्होंने 2012 में आर्यनगर विधानसभा से चुनाव लडऩे की बाबत राष्ट्रीय लोकमंच पार्टी के पदाधिकारियोंसे संपर्क साधा. इस पर पदाधिकारियों ने उनसे पार्टी के प्रचार-प्रसार व रैली के आयोजन को कहा. इसके बाद उन्हें आर्यनगर से प्रत्याशी बनाने का आश्वासन दिया. रैली व प्रचार-प्रसार में उनके 10 लाख रुपये खर्च करा दिए. प्रार्थना पत्र के मुताबिक 17 अगस्त 2011 को उन्हें आर्यनगर से प्रत्याशी घोषित कर दिया गया. चार जनवरी 2012 को उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली कि पार्टी ने उनका टिकट काट दिया है और किसी दूसरे को प्रत्याशी बनाया है. वह रेलबाजार स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे और जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह से टिकट कटने का कारण पूछा. इस पर उन्हें कार्यालय से भगा दिया गया और जातिसूचक शब्द कहे गए. उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव अरविंद सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा व कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष उबैदउल्ला से फोन पर संपर्क कर टिकट कटने का कारण पूछा. उन्हें माकूल जवाब नहीं मिला. इस मामले में उन्होंने सीएमएम की अदालत में गुहार लगाई. गौरतलब है कि शुक्रवार को पार्टी पदाधिकारियों पर इसी तरह का आरोप भोगनीपुर निवासी राजेंद्र धमाका ने लगाए थे.

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