मध्यप्रदेश में 10 जून को आकर एक सप्ताह में ही पूरे राज्य को तरबतर करने वाली वर्षा इस बार टुकड़ों-टुकड़ों में आने से राज्य की सामान्य कृषि व्यवस्था को ही अस्त-व्यस्त कर गई. ढंग कुछ ऐसा बिगड़ा है कि भोपाल जिले को सामान्य वर्षा का माना जा रहा है तो पास के दूसरे जिले सीहोर को अल्प वर्षा का माना गया है.

मानसून के प्रारंभ में पूर्वी मध्यप्रदेश जबलपुर, रीवा व दमोह में कुछ ही दिनों में भारी वर्षा हो गई. इसके साथ 19 जिले एक इधर तो दूसरा उधर के रूप में सामान्य वर्षा पा गये और राज्य के 28 जिले ऐसे हैं कि जिन्हें अल्प वर्षा का मान लिया गया है. लेकिन जहां अधिक व सामान्य वर्षा हो भी गई है वह भी कृषि के हिसाब से बेमानी है. अगर कालान्तर में पूरे वर्षाकाल में वहां

Related Posts: