मुंबई, 17 जुलाई. बॉलीवुड अभिनेत्री लैला खान के इगतपुरी फार्महाउस में 6 नहीं, बल्कि 7 लोगों के कत्ल हुए थे. खबर के मुताबिक यह हो सकता है कि लैला के इगतपुरी फार्महाउस की पहली मंजिल पर एक और शख्स की हत्या हुई थी.

इगतपुरी फार्महाउस के पीछे जिस गड्ढे में 6 नरकंकाल मिले हैं, उसमें मिली चटाई का इस सातवीं हत्या से संबंध होने की बात कही जा रही है. इस बीच, मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम मंगलवार को इस मामले के मुख्य आरोपी परवेज इकबाल टाक को लेकर इगतपुरी फार्महाउस पहुंची. इससे पहले लैला खान और उसके परिवारवालों की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया था. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जिस शख्स को हिरासत में लिया था, उसने लैला का पति होने से इनकार किया है. वफी खान ने अपनी पत्नी यासमीन के साथ हुई सगाई की फोटो पेश की है.

दुबई में रहने वाले इस शख्स को लैला खान का  पति सोनू उर्फ वफी खान बताया जा रहा था. इस शख्स को उस वक्त हिरासत में ले लिया जब वह मुंबई एयरपोर्ट पर उतरा. सोनू दुबई में रहने वाले एनआरआई कमल जधवानी का बेटा है, जिसने धर्म परिवर्तन कर लिया था और सोनू से वफी खान बन गया. पुलिस का कहना है कि 9 फरवरी 2011 की रात इगतपुरी स्थित लैला के फार्महाउस पर एक्ट्रेस और उसके परिवारवालों ने जमकर मस्ती की थी. घर में चार घंटे तक म्यूजिक और डांस का दौर चला था.

इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक खामोशी रही और परवेज टाक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर सबका काम तमाम कर दिया. परवेज टाक ने इगतपुरी के फार्महाउस में नौकर शाकिर की मदद से जिस वक्त लैला की मां सलीना, भाई इमरान, बहन अजमीना और आफरीन को मारा, उस समय लैला वहां नहीं थी. परवेज को पता चला था कि सलीना के एक बिल्डर से अंतरंग संबंध हैं. इसको लेकर उसका सलीना से झगड़ा हुआ और उसने रॉड से वार कर उसकी हत्या कर दी. जब इमरान, अजमीना और आफरीन मदद के लिए आए, तो परवेज और शाकिर ने उनकी भी रॉड से हत्या कर दी. परवेज और शाकिर ने चारों शवों को गद्दे और तकियों के बीच लपेट दिया.

इगतपुरी के फार्महाउस में जब यह सबकुछ हो रहा था, उस समय लैला और जारा प्रॉपर्टी को बेचने के सिलसिले में मीरा रोड गई हुईं थीं. उन्हें उसी शाम को फार्महाउस आना था. इसके बाद परवेज ने लैला को फोन कर कहा कि वह उसे मीरा रोड लेने आ रहा है. उसे पता था कि लैला के पास कैश और जूलरी भी है. परवेज और शाकिर लैला और जारा को ठिकाने लगाने के मकसद से काली रंग की स्कॉर्पियों में मीरा रोड पहुंचे. वे वहां लैला और जारा से मिले और वापस फार्महाउस लौटने को कहा. वापस लौटते समय परवेज ड्राइविंग करने लगा और दोनों बहनों को बीच की सीट पर बिठा दिया. शाकिर उनके पीछे की सीट पर बैठ गया. शाकिर अपने साथ वह रॉड लिए हुआ था, जिससे उसने उसकी मां और भाई-बहनों की हत्या की थी.

परवेज ने ठाणे रोड पर अचानक गाड़ी रोकी और शाकिर ने बिना किसी वॉर्निंग के लैला और जारा के सिर पर रॉड से जोरदार वार कर उनकी हत्या कर दी. परवेज ने इसके बाद दोनों बहनों के फोन बंद कर दिए और दोनों की लाशों को डिग्गी में डालकर फार्महाउस ले गया गया. दोनों की लाशों को भी गद्दों में लपेट दिया गया. इसके बाद उन्होंने लाशों को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया. सभी 6 लाशों को दफनाने के लिए दोनों फार्महाउस के पिछवाड़े में दो दिन तक खुदाई करते रहे.

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