सपा ने डाले युवाओं पर डोरे

नयी दिल्ली, 20 जनवरी. कभी कंप्यूटर और अंग्रेजी का विरोध करने वाले सपा नेता मुलायम सिंह यादव आज अपने घोषणापत्र में ही छात्रों को लैपटॉप देने की बात कह रहे हैं. घोषणापत्र में यह बदलाव सपा के राजनीतिक सियासत के बदलाव की ओर भी संकेत माना जा रहा है.

नेताजी की इस घोषणा पत्र से एक बात तो साफ होता है कि उत्तरप्रदेश अब बदलाव की ओर बढ़ रहा है. इसबार के चुनावी घोषणापत्र के बहाने ही सही सपा अपने पुराने समाजवादी छाप से उपर उठने का प्रयास करती दिख रही है और इसपर नेताजी के पुत्र व सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश ही छाए हुए हैं. राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने इस बार अखिलेश यादव को जिस प्रकार से खुली छुट दे रखी है उसका परिणाम ही है कि पारंपरिक घोषणा पत्र से इतर इसबार कई नई चीज सामने आई है. प्रेक्षकों की माने तो घोषणा पत्र के बहाने ही अखिलेश ने कांगे्रस महासचिव राहुल गांधी के आरोप का जवाब दिया है . क्योंकि श्री गांधी ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि सपा नेता मुलायम सिंह यादव अंग्रेजी का विरोध करते हं लेकिन उनके सुपुत्र अंग्रेजी में बात करते हैं. प्रेक्षकों का मानना है कि नेता जी ने भविष्य को ध्यान में रखकर ही अखिलेश के नए विचारधारा को पार्टी लाईन से जोडऩे की इजाजत दी है. अखिलेश ने युवा वोटरों की अहमयित को प्रमुख स्थान देते हुए घोषणापत्र में भी युवाओं को महत्वपूर्ण बनाकर उनके सहारे ही चुनावी बदौलत वैतरणी पार करने की रणनीति बनाई है.

एक नजर में
उप्र विधानसभा चुनाव के लिए सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने आज जारी अपने घोषणा-पत्र के माध्यम से किसानों, युवाओं, गरीबों, छात्रों और अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश की है. इतना ही नहीं इसमें 12वीं पास करने वाले छात्रों को नि:शुल्क लैपटॉप, 10 पास करने वाले छात्रों को टैबलेट देने की बात कर सपा ने न सिर्फ अपने सोच में बदलाव का संकेत दिया है बल्कि आम जन के नब्ज को पकडऩे का प्रयास करते हुए व अन्य प्रतिद्वंद्वियों को उन्हीं के शब्दों में जवाब देने के लिए कदम बढ़ाया है.

Related Posts: