राजनीति में लाएगा घमासान

भोपाल, 23 नवंबर. 25 को होने वाला खण्डग्रास सूर्यग्रहण वृश्चिक राशि एवं अनुराधा नक्षत्र में प्रात: 10.14 से दोपहर 1.27 तक दक्षिण अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड अटलांटिका, तस्मानिया में 90 प्रतिशत ग्रसित दिखाई देगा. भारत में यह सूर्यग्रहण कहीं भी नहीं दिखाई देगा. इसलिये भारत में इसका सूतक एवं पर्वकाल मान्य नहीं होगा.

ज्योतिषाचार्य पं. धर्मेन्द्र शास्त्री के अनुसार सूर्य सम्पूर्ण विश्व को प्रकाशित करता है. जीवनदायनी रश्मियां सूर्य से ही समस्त पृथ्वीवासियों को प्राप्त होती है. इसलिये सूर्य ग्रहण का प्रभाव भी सम्पूर्ण विश्व के ऊपर होगा. वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल राशि में सूर्यग्रहण होने से पृथ्वी पर कहीं भी भूकंप के योग बनते है एवं सूर्य+बुध+राहू+चन्द्र का चतग्रही या वेग भी सूर्य ग्रहण के समय रहेगी. इस कारण राजनैतिक क्षेत्र में घमासान, उठापटक एवं परिवर्तन व अस्थिरता, तनाव, आगजनी के प्रबल योग बनते है. ग्रहण के प्रभाव 6 माह तक विश्व को प्रभावित करेंगे. ग्रहण से बचने हेतु इष्टï आराधना करें, सद्ïव्यवहार करें, सत्य वचन बोले एवं ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठïा से कार्य करते रहे.

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