पांच दिवसीय विराट भक्ति सत्संग का शुभारम्भ

भोपाल,23 नवम्बर. राज्यपाल राम नरेश यादव ने आज यहां स्थानीय दशहरा मैदान टी.टी. नगर पर विश्व जागृति मिशन द्वारा आयोजित पांच दिवसीय विराट भक्ति सत्संग के शुभारम्भ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सदगुरू सुधांशु जी महाराज ने अपने विचारों और उपदेशों से सामाजिक और आध्यात्मिक क्रांति की है.

राज्यपाल यादव ने कहा कि गुरू महाराज के वचनों और संदेशों की पवित्र पावन गंगा में डूबकर हर जन का अंत:करण शुचिता के आलोक से भर जाता है. उन्होंने कहा कि सुधांशु महाराज जी अपनी बोधगम्य सरल और लालित्य पूर्ण शैली में कथा वाचन करते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे परमात्मा से सीधे साक्षात्कार हो रहा हो. यादव ने आशा व्यक्त की कि संत के सानिध्य में सत्य से परिचय कराने का जो सत्संग भोपाल की भूमि पर हो रहा है वह समाज और युवा पीढ़ी को सन्मार्ग पर चलने का संदेश देगा. इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री  बाबूलाल गौर भी उपस्थित थे. पूर्व में राज्यपाल और सुधांशु महाराज ने दीप जलाकर समारोह का शुभारम्भ किया. इस अवसर पर राज्यपाल यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सुधांशु महाराज का स्वागत किया. समिति के सदस्यों ने राज्यपाल यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किया. अशोक भाटी द्वारा स्वागत भाषण दिया गया.

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि सुधांशु महाराज अपने प्रवचनों के जरिये धर्म परायण जनता के जीवन में भक्ति और निशचल प्रेम की नई अलख जगा रहे हैं. गुरू महाराज ने समूचे विश्व में भारतीय संस्कृति,धर्म और आध्यात्म का जो प्रचार-प्रसार किया है उससे विश्व में भारत की साख बढ़ी है. गौर ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भोपाल की जनता की ओर से गुरू सुधांशु महाराज का स्वागत किया.
सत्संग का शुभारम्भ करते हुए पंडित सुधांशु महाराज ने सर्वप्रथम परमेश्वर के प्रति आभार और कृतज्ञता व्यक्त की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सामान्यजन पृथ्वी पर जन्म के साथ ही आनन्द की तलाश में भटकता है लेकिन जीवन से संतुष्ट नहीं हो पाता. उसे जीवन तो मिलता है लेकिन उसे जीवन जीने का ढंग नहीं सिखाया जाता.

जीवन जीने की रीति और ढंग सिखाने के लिए गुरू ही परमात्मा के प्रतिनिधि होते हैं. गुरू हमें जीवन दर्शन देते हैं. जिसके माध्यम से हम अपनी क्षमताओं को निखारते हैं. उन्होंने कहा कि नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए और लगातार जीवन को अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने की कोशिशें करते रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि हर इंसान को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टि विकसित करनी चाहिए. महाराज ने कहा कि आम आदमी के लिए गुरू उस मधुमक्खी की तरह काम करता है जो जीवन के पुष्पों का मधुर रस लेकर शहद बनाते हैं और हम तक पहुंचाते हैं. इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल श्री राम नरेश यादव को जन भावनाओं के समस्त भावावेश को समझने वाले तथा श्री बाबूलाल गौर को ज्ञानवृद्ध कर्मयोगी बताते हुए उनकी उपस्थिति के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर पूरा पंडाल भोपाल की धर्म-पारायण जनता से खचाखच भरा हुआ था.

Related Posts: