विधानसभा का विशेष सत्र आज

भोपाल, 26 जुलार्ई. मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्यता गंवाने वाले दो कांग्रेस नेताओं चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी और सुश्री कल्पना परूलेकर की बहाली के मुद्दे पर देश में अपने तरह के पहले मामले के सिलसिले में कल यहां विधानसभा के विशेष सत्र के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी हो गयी हैं.

आधिकारिक सूत्रों ने आज बताया कि विशेष सत्र में सिर्फ दो बर्खास्त विधायकों की बहाली के मुद्दे पर चर्चा होगी. इस संबंध में एक संकल्प संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा की ओर से पेश किया जाएगा. इसके सदन में सर्वसम्मति से पारित होने के आसार हैं. अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी भी कल सुबह यहां पहुंचेंगे और सदन की कार्यवाही सुबह साढे दस बजे प्रारंभ होगी. यह तेरहवीं विधानसभा का चौदहवां सत्र होगा. सूत्रों ने कहा कि संकल्प पारित होने के बाद निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा, ताकि आयोग की ओर से दोनों नेताओं की सदस्यता बहाल हो सके. सदन ने 18 जुलाई को दोनों सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की सूचना भी आयोग को भेजी थी. इसके आधार पर आयोग ने श्री चतुर्वेदी के विधानसभा क्षेत्र भिंड और सुश्री परूलेकर के क्षेत्र महिदपुर को रिक्त घोषित कर दिया है.

गौरतलब है कि 16 जुलाई को प्रारंभ हुए विधानसभा के तेरहवें सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस विधायकों ने हाल में दो कारोबारियों पर आयकर छापे के संबंध में स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा किया था. चर्चा की मांग अस्वीकार होने पर तीन दिनों तक हंगामा हुआ . और सदन की कार्यवाही निर्धारित तिथि 27 जुलाई से पहले ही 18 जुलाई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर देने से मानसून सत्र संपन्न हो गया. अंतिम दिन कार्यवाही स्थगित होने के पहले असंसदीय आचरण के आरोप में संसदीय कार्य मंत्री की ओर से लाए गए प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया और श्री चतुर्वेदी तथा सुश्री परूलेकर की सदस्यता समाप्त कर दी गयी1 बाद में दोनों ने अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपने कृत्य के लिए माफी मांगी और उनकी सदस्यता बहाल करने के संबंध में अनुरोध किया. राज्य विधानसभा के संसदीय इतिहास में पहले भी कुछ सदस्यों की सदस्यता समाप्त की गयी है ् लेकिन सदस्यता बहाल करने के लिए विशेष सत्र आहूत करने की घटना इस राज्य में पहली बार हो रही है. देश के संसदीय इतिहास में भी संभवत: यह अपनी तरह का पहला मामला है.

अदालत में मामला सात अगस्त तक टला

जबलपुर. मध्यप्रदेश विधानसभा के दो सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने के सिलसिले में उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर सुनवायी आज सात अगस्त तक टाल दी गयी. न्यायमूर्ति अजीत सिंह और न्यायमूर्ति संजय यादव की युगलपीठ के समक्ष याचिका पेश की गयी. अधिवक्ताओं के अनुरोध पर सुनवायी सात अगस्त तक टाल दी गयी.

इसके पहले यह मामला न्यायमूर्ति के के लाहौटी और न्यायमूर्ति विमला जैन की युगलपीठ के समक्ष पेश किया गया था. न्यायमूर्ति जैन के आज अदालत नहीं पहुंचने के कारण याचिका न्यायमूर्ति सिंह और न्यायमूर्ति यादव की युगलपीठ के समक्ष पेश करनी पड़ी. विस का मानसून सत्र राजधानी भोपाल में 16 जुलाई को प्रारंभ हुआ था और तीन दिन में ही इसे विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों के हंगामे के कारण समाप्त करना पड़ा था.

इस बीच सदन ने 18 जुलाई को कांग्रेस के दो वरिष्ठ सदस्यों चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी और सुश्री कल्पना परूलेकर को असंसदीय आचरण के आरोप में प्रस्ताव पारित करके बर्खास्त कर दिया. उन्हें अगले दिन 19 जुलाई को राष्ट्रपति निर्वाचन में वोट देने से भी वंचित कर दिया गया. दोनों पूर्व सदस्यों की ओर से 19 जुलाई को उच्च न्यायालय में यहां याचिका पेश की गयी थी और इस पर सुनवायी टाल दी गयी थी. आज अदालत में याचिका के सिलसिले में बर्खास्त विधायकों की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर और राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता आर डी जैन और उप महाधिवक्ता पुरूषेंद्र कौरव पेश हुए.

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