सजा में देरी की पर भड़के चिदम्बरम

नई दिल्ली, 2 मई. 26/11 को मुंबई हमले में पकड़े गए आतंकवादी कसाब को सजा-ए-मौत दिए जाने में हो रही देरी की आलोचना पर गृहमंत्री पी. चिदंबरम भड़क गए. लोकसभा में चिदंबरम ने तल्ख लहजे में कहा कि अगर आप कानून के शासन से बाहर की बात करते हैं तो कसाब को पकड़ कर गोली मार दीजिए. लेकिन कानून के शासन की बात करते हैं तो कानून उसे दोषी करार दे चुका है. हाई कोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा है.

गृह मंत्रालय की 2012-13 की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान शिवसेना के आनंदराव अड़सूल ने जब कहा कि मुंबई हमलों के आरोपी कसाब को सजा नहीं दी जा रही है तो चिदंबरम ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा, बार-बार कसाब की बात कही जा रही है. हमारे पास दो ही व्यवस्थाएं होती हैं, एक कानून के शासन में रहना और दूसरा कानून के शासन से बाहर जाकर काम करना. आप कानून से बाहर की बात करते हैं तो कसाब को गोली मार दीजिए. गृह मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते उसकी अपील पर अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया है और उसकी अपील लंबित है.

ईरान से होगा यूरिया आयात

सरकार ने आज कहा कि उसने ईरान से यूरिया के आयात पर से बैन हटा गया है और स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन (एसटीसी) से कहा गया है कि वह अपनी वैश्विक निविदा के उस प्रावधान को बदले जिसके तहत ईरानी मूल के आपूर्तिकर्ता की बोली पर पाबंदी है. यह प्रतिबंध यूरिया निर्यात पर खुद ईरान की ओर से पाबंदी लगाए जाने और इस साल मार्च में इंडियन पोटाश लिमिटेड को ईरान से यूरिया की आपूर्ति करने में तीन व्यापारियों की वादाखिलाफी के चलते लगाया गया है. उर्वरक सचिव अजय भट्टाचार्य ने कहा एसटीसी की बोली अभी खुलनी बाकी है और ईरान में हमारे राजदूत ने सूचित किया है कि हालांकि यूरिया के निर्यात पर पाबंदी है लेकिन अलग-अलग मामलों के आधार पर ईरानी सरकार निर्यात की मंजूरी दे रही है.

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