भोपाल, 18 अक्टूबर. अशासकीय विद्यालय संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह बघेल, माध्यमिक शिक्षा मंडल के चेयरमैन एन.के. राय से मुलाकात कर विद्यालयों के निरीक्षण में एसडीएम की भूमिका को लेकर एक पत्र सौंपा.

पत्र में बघेल ने कहा कि एसडीएम की भूमिका को लेकर एक पत्र सौंपा. पत्र में बघेल ने कहाकि एसडीएम के पास राजस्व सहित बहुत सारे कार्य होते हैं इस कारण से विद्यालयों का निरीक्षण समय पर नहीं होने के कारण निरीक्षण रिपोर्ट मंडल में सही समय पर नहीं आ पाती है. इसका प्रत्यक्ष उदाहरण वर्ष 2011-12 में विद्यालयों की निरीक्षण रिपोर्ट मण्डल को सितंबर-अक्टूबर तक भी प्राप्त नहीं हो सकी और लगभग 1200 स्कूलों को नवीन मान्यता से वंचित होना पड़ा. सुरेन्द्र सिंह बघेल ने पत्र के माध्यम से अध्यक्ष महोदय से अनुरोध किया कि निरीक्षण या तो जिला शिक्षा अधिकारी या फिर कलेक्टर के प्रतिनिधि द्वारा कराया जाये. एसडीएम की बाध्यता को हटाकर जिले के कलेक्टर की अध्यक्षता में टीम गठित कर विद्यालयों का निरीक्षण कराने के लिए शीघ्र ही आदेश जारी करेंगे. साथ ही अशासकीय संस्थाओं द्वारा जो अक्षय निधि 25000 रु. हाईस्कूल तक के लिए एवं 40,000/- रु. हायर सेकेंडरी तक के लिए जिन संस्थाओं ने मण्डल में जमा कराये है.संगठन अध्यक्ष बघेल ने साथ ही यह भी कहा कि इस वर्ष संस्थाओं को मान्यता न मिल पाने के कारण हजारों की संख्या में छात्र शिक्षा से वंचित रह गये है. अत: उन्होंने मण्डल अध्यक्ष राय से अपेक्षा की है कि अतिशीघ्र ही आदेश जारी किये जायें, जिससे विद्यालयों में असमंजस की स्थिति समाप्त हो.

बैठक आयोजित आज
वे.से.रे.म. संघ के मुख्यालय कार्यकारणी की बैठक बुधवार को कम्यूनिट हॉल स्टेशन पर आयोजित की जा रही है. इस बैठक को एन. एफ. आई. आर. के कार्यकारी अध्यक्ष वा वे.से.रे.म. संघ के अध्यक्ष आर पी भटनागर संबोधित करेंगे. मंडल प्रवक्ता आलोक त्रिपाठी ने बताया कि वेस्ट सेंट्रल रेलवे के सभी मंडलों के पदाधिकारियों व महामंत्री अशोक शर्मा की उपस्थिति में इस बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा की जावेगी. रेलवे में कर्मचारियों की नियमित भर्ती की जावे व प्रायवेट कार्य दिया जाना बंद किया जावे.

विभिन्न केडरों के कर्मचारियों के वेतन की विसंगतियों को दूर करना.  संरक्षा श्रेणी के लगभग 1,20,000 खाली पदों को शीघ्र भरा जावे. ठेकेदारों के अधीन कार्यरत रेल मजदूरों को सुविधाएं व उनको अधिकार दिलवाना. संरक्षा श्रेणी रनिंग स्टाफ के कार्य के घण्टों को कम करने हेतु हाई पावर कमेटी के सामने प्रस्ताव रखना. चिकित्सा सुविधा को उपलब्ध करवाना. रेलवे आवासों की दुर्दशा को सुधारना. इसके अलावा रेल किराया, रेलवे अर्थव्यवस्था, बोनस, रेल यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण रेल सुविधाओं व कर्मचारियों के अनुपात में समायोजन जैसे ज्वंलत मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

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