महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर मिलेगा ऐच्छिक अवकाश

प्रतिवर्ष महिला शिक्षक को मिलेगा सावित्री बाई फुले पुरस्कार

भोपाल, 8 जनवरी. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने घोषणा की है कि प्रतिवर्ष शिक्षण के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाली शिक्षिका को एक लाख रुपये के सावित्री बाई फुले पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर ऐच्छिक अवकाश की सुविधा दी जाएगी. शीघ्र ही महात्मा फुले की आदमकद प्रतिमा भोपाल में लगाई जाएगी.

मुख्यमंत्री चौहान आज यहाँ रेल्वे ग्राउण्ड में आयोजित ऑल इंडिया सैनी सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वह समाज अद्भुत है जिसमें महात्मा ज्योतिबा और सावित्री बाई फुले ने जन्म लिया. उन्होंने केवल अपने समाज के लिये ही नहीं अपितु पूरे देश में पहली बार महिला शिक्षा पर ध्यान दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछड़ों के विकास को प्राथमिकता देने के लिए संकल्पित है. उनके विकास में सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी. सरकार का प्रयास है कि फूलों के उत्पादन में इतनी वृद्धि हो कि विदेशों से फूलों का आयात नहीं निर्यात हो. फूलों की मंडी में बिक्री की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया है. फूल उत्पादक चाहें तो मंडी में अथवा चाहें तो खेत में बिक्री कर सकते हैं. कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में कृषि मंत्रि-परिषद बनाई गई है. उन्होंने कहा कि फूल-सब्जी बोर्ड के गठन पर भी विचार करेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज परंपरागत के साथ ही अन्य व्यवसायों में भी योगदान करें. समाज में प्रतिभाओं की कमी नहीं है. नौकरियों और उद्योग-धंधों में समाज की प्रतिभाओं को पूरा सहयोग करने का कार्य प्रदेश की सरकार कर रही है. रामजी महाजन के नाम पर 8 महिला और 8 पुरुष सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्रतिवर्ष सम्मानित किया जाता है. प्रतिभाशाली बच्चों को छात्रवृत्ति और पुरस्कार दिये जाते हैं. प्रांतीय और अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा के लिए कोचिंग और विदेश में पढऩे के लिए 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. इसके साथ ही अध्ययन के लिए शहर जाने वाले 5 बच्चों के समूह को आवास का किराया भी सरकार देती है. उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को उद्योग-धंधों की स्थापना में कोई दिक्कत नहीं आएगी, यदि उनके मार्ग में कोई बाधा आती है तो वे उसे दूर करवाएगें. समाज के भवन और छात्रावास के लिए भूमि उपलब्ध करवाने का भी प्रयास किया जायेगा.

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए प्रतिनिधियों का आव्हान किया कि वे बेटा-बेटी में कोई भेदभाव नहीं करें. उन्होंने कहा कि धन, बल और बुद्धि की शक्ति के लिए हम देवियों का आव्हान करते हैं तो फिर बेटा ही जन्में ऐसा आग्रह अनुचित है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केवल एक और दो बेटियों वाले परिवार को वृद्धावस्था पेंशन देने पर भी विचार कर रही है. कार्यक्रम में पुष्पमालाओं से अतिथियों का स्वागत के साथ ही पगड़ी बाँध कर मुख्यमंत्री का सम्मान हुआ. समाज की ओर से स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया. समाज की पत्रिका का विमोचन भी हुआ. स्वागत उद्बोधन ऑल इंडिया सैनी सभा के अध्यक्ष जगदीश सैनी ने दिया. आभार जी.बी. माली ने किया.  इस अवसर पर विधायक विश्वास सारंग, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रमेश शर्मा ‘गुट्टू भैयाÓ  आदि बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे.

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