फुल ड्रेस रिहर्सल ने मोहा दर्शकों का मन

लंदन, 26 जुलाई. खेलों के महाकुंभ ओलंपिक के उद्घाटन आज हो रहा हैं.  और इसके पूर्वाभ्यास के तौर पर रात हुए फुल ड्रेस रिहर्सल ने 60 हजार से ज्यादा दर्शकों का मन मोहकर बहुप्रतीक्षित उद्घाटन समारोह के प्रति प्रशंसकों की बेचैनी बढ़ा दी.

उद्घाटन समारोह की तैयारियों को राज बनाये रखने की चुनौती यहां भी सामने आयी और समारोह के निर्देशक आस्कर विजेता फिल्मकार डैनी बायल पर्दे को पर्दा रहने दो की अपील बारंबार करते रहे. हालांकि उन्होंने दर्शकों से कहा कि वे अपनी डायरी में कुछ नोट कर सकते हैं लेकिन वे संवाददाताओं की तरह व्यवहार न करें.  खेलों के संचालन में जुटे लगभग 10 हजार स्वयंसेवकों और सुरक्षाकर्मियों को इस फुल ड्रेस रिहर्सल के लिए टिकट दिये गये थे और समारोह से जुटे कलाकारों को भी उनके मित्रों और परिजनों के लिए पास बांटे गये थे.

ओलंपिक स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था और प्रवेश के लिए स्टेडियम के बाहर लंबी कतारें लगी हुई थी. प्रस्तुति को राज बनाये रखने के लिए आयोजकों की अपील के बावजूद जब दर्शक स्टेडियम से बाहर निकले तो हर जुबां पर इसकी चर्चा थी और लोग कलाकारों की तारीफ में पुल बांध रहे थे. पिछले कुछ पूर्वाभ्यासों से जुड़ी तस्वीरें ट्वटर और फेसबुक पर सार्वजनिक होने से आयोजक पहले ही परेशान थे. इस रिहर्सल के बाद उनकी चिंताएं और भी बढ़ी हैं. भीषण गर्मी के बावजूद दर्शकों के उत्साह में कोई की नहीं दिख रही थी लेकिन इनकी भारी भरकम संख्या के कारण शहर की यातायात व्यवस्था जरूर चरमरा गयी. लगभग 45 हजार यात्रियों ने स्टेडियम तक पहुंचने के लिए लंदन के लाइफलाइन ट्यूब सेवा का सहारा लिया लेकिन परिवहन की स्थिति अस्त व्यस्त दिखी.

डार्विन से आयी हिलेरी मिडग्ले ने कहा शो वास्तव में रोमांचकारी था. मैं इसकी कल्पना नहीं कर सकती थी. मेरी बेटी भी इसमें कलाकार है लेकिन उसने पहले कुछ नहीं बताया. हालांकि हम किसी से कुछ बताने वाले भी नहीं हैं. मेरी बेटी ने महीनों से अभ्यास किया है. अगर कोई इसकी जानकारी लीक करता है तो कलाकारों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा. बायल के साथी फिल्मकार स्टीवन डालड्रे ने कहा ब्रिटेन की विशाल धरोहर, विविधता, ऊर्जा, खोजपरकता, बुद्धिमत्ता और रचनात्मक की पहचान इस शो के ब्रिटिश द्वीप में स्पष्ट दिखेगी.

ग्रीस की एथलीट बाहर
ग्रीस की तिहरी कूद एथलीट वोउला पापाक्रिसटोउ को सोशल नेटवर्किग साइट ट्विटर पर नस्लवादी टिप्पणी करने के बाद देश के ओलम्पिक जाने वाले खिलाडिय़ों के दल से बाहर कर दिया गया है. पापाक्रिसटोउ को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अगले हफ्ते अपने एथेंस स्थित प्रशिक्षण शिविर से लंदन के लिए उड़ान भरनी थी. उन्हें दल से बाहर निकालने का फैसला ग्रीस की ओलम्पिक फेडरेशन की हेल्लेनिक ओलम्पिक समिति ने लिया है.

दंडित पापाक्रिसटोउ (23) ने अपने ट्विटर अकाउंट पर नस्लवादी और असहनीय टिप्पणी की थी, जिसमें ग्रीस में रह रहे अफ्रीकी प्रवासियों पर निशाना साधा गया था. पापाक्रिसटोउ ने लिखा, ‘बहुत सारे अफ्रीकी ग्रीस में रहते हैं. कम से कम नील नदी के किनारे रहने वाले मच्छरों को भर पेट घर का भोजन तो मिलेगा!’  उन्होंने इस टिप्पणी को दोबारा से देश के विवादास्पद राजनीतिज्ञ इलियास काशीदिआरिस को भी पोस्ट किया था. काशीदिआरिस ग्रीस सरकार की नरम प्रवासी नीति के घोर विरोधी हैं. बाद में पापाक्रिसटोउ ने अपनी इस टिप्पणी के लिए माफी भी मांगी. ग्रीस ओलम्पिक के प्रमुखों ने उन्हें दल से बाहर निकालने का फैसला प्रधानमंत्री एंटोनिस सामारास सहित ग्रीस संसद के वरिष्ठ सदस्यों से विचार-विर्मश के बाद लिया है.

लंदन में इतिहास बनाने उतरेगा भारत
भारत ने दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों और ग्वांगझू एशियाई खेलों में रिकार्ड तोड़ प्रदर्शन कर पूरी दुनिया को चौंकाया था और अब रिकार्ड 81 भारतीय एथलीट एक अरब 20 करोड़ लोगों की उम्मीदों का भार लिए शुक्रवार से यहां शुरु हो रहे 30वें ओलंपिक में नया इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगे. ओलंपिक के मेजबान ब्रिटेन की प्रसिद्ध रेटिंग एजेंसी प्राइसवाटरहाउसकू पर्स ने खेलों के महाकुंभ में इस बार भारत के छह पदक जीतने की भविष्यवाणी की है और इस समय भारतीय खिलाडिय़ों को लेकर जो माहौल बना हुआ है उसे देखते हुए पूरी उम्मीद की जा रही है कि भारत पिछले बीजिंग ओलंपिक की एक स्वर्ण सहित तीन पदकों की संख्या को कहीं पीछे छोड़ देगा.

लंदन ओलंपिक में भारत का रिकार्ड 81 सदस्यीय 13 खेलों में हिस्सा ले रहा है. इन खेलों में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, पुरुष हाकी, जूडो, रोइंग, तैराकी, निशानेबाजी, टेबल टेनिस, टेनिस, भारोत्तोलन और कुश्ती शामिल हैं. इनमें से छह खेल ऐसे हैं जिनमें भारत के पदक जीतने की प्रबल संभावना है. लंदन ओलंपिक में बीजिंग के कांस्य पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार भारतीय ध्वजवाहक की भूमिका निभाएंगे. भारत ने पिछले बीजिंग ओलंपिक में निशानेबाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती में तीन पदक जीते थे जो उसका ओलंपिक इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. इन तीन खेलों के साथ तीन और खेल बैडमिंटन, टेनिस और तीरंदाजी जुड़ेे रहे हैं जिनमें भारत पदक जीत सकता है.

इन छह खेलों में भारत के पास दुनिया के चोटी के खिलाड़ी हैं जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में विश्व स्तर पर चैंपियनों को हराया है. भारत के लिए लंदन ओलंपिक एक ऐसा सर्वश्रेष्ठ मौका है जिसमें कामयाबी भारतीय खेलों के परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकती है लेकिन नाकामी उसे मीलों पीछे धकेल सकती है.

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