नई दिल्ली, 1 अप्रैल. सीबीआई ने सेना के लिए टाट्रा ट्रकों की खरीद में कथित नियमितताओं के मामले में आरोपी लंदन के अनिवासी भारतीय व्यापारी रवि ऋषि के खिलाफ देश छोड़कर जाने से रोकने का एक आदेश लुक-आउट जारी किया है। आधिकारिक सू़त्रों ने कहा कि सीबीआई ने सभी हवाई अड्डों और बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर अलर्ट जारी कर दिया ताकि ऋषि देश से बाहर नहीं जा पायें।

जब उनकी कंपनी से संपर्क किया गया तो उसने इस मामले में सिर्फ इतना कहा कि वह सीबीआई के साथ सहयोग कर रहे हैं। सेना के लिए टाट्रा ट्रकों की खरीद में कथित अनियमितता के मामले में सीबीआई की प्राथमिकी में आरोपी बनाये गये 57 वर्षीय ऋषि से सीबीआई ने अब तक दो बार पूछताछ की है और उन्हें फिर से समन किये जाने की संभावना है। ऋषि ने अपने उपर लगे आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि ट्रकों को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड के जरिये बेचा गया था।

उन्होंने साथ ही कहा कि सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह द्वारा टाट्रा ट्रकों के संबंध में लगाये गये आरोप बेबुनियाद हैं। सीबीआई के इस कदम से पहले सेना प्रमुख ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने उन्हें दोयम दर्जे के ट्रकों की खरीद को हरी झंडी दिखाने के बदले रिश्वत देने की पेशकश की थी। लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए सेना प्रमुख तथा कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। सीबीआई अधिकारी सेना प्रमुख से कुछ और जानकारी मांगेंगे। सूत्रों ने कहा कि कथित घूस की पेशकश के मामले में सेना प्रमुख द्वारा जल्द ही कुछ और सामग्री उपलब्ध कराने की उम्मीद है।

आर्मी चीफ के नेपाल दौरे पर चली कैंची !
ऐसा लगता है कि सेनाध्यक्ष वी के सिंह और सरकार के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। इसका पता इस बात से भी चलता है कि रक्षा मंत्रालय ने आर्मी चीफ की अगले हफ्ते से शुरू होने वाली नेपाल यात्रा पर नकेल कसी है।

जबरन छुट्टी पर भेजो : मिश्र
पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ब्रजेश मिश्र ने कहा है कि जनरल वी.के. सिंह को जबरन छुट्टी पर भेज देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने घूस के प्रस्ताव मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए दोनों को जिम्मेदार ठहराया है।

एंटनी की होगी मुसीबत
टाट्रा ट्रक डील में 2 साल तक कोई कार्रवाई न करने के मामले में रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी को मुनासिब कारण बताना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनको 6 महीने की जेल हो सकती है। टाट्रा ट्रक डील के मामले में शुक्रवार को सीबीआई ने केस दर्ज किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि एंटनी से कानूनी जिम्मेदारियों को निभाने में चूक हुई है।

गौरतलब है कि 2009 में उन्हीं की पार्टी के सदस्य गुलाम नबी आजाद ने लिखित रूप में इस डील में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उसके बाद 2010 में आर्मी चीफ जनरल वी.के.सिंह ने भी रक्षा मंत्री को मौखिक तौर पर बताया था कि उन्हें घूस की पेशकश की गई थी। इस केस में काफी दिनों तक कोई कदम न उठाने के कारण एंटनी सीआरपीसी की धारा 39 के तहत अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाने के दोषी ठहराए जा सकते हैं। सीआरपीसी की धारा 39 का ठीक ढंग से पालन नहीं करना आईपीसी के सेक्शन 176 के तहत दंडनीय अपराध है। इस मामले में अधिकतम 6 महीने जेल की सजा का प्रावधान है। इस केस में एंटनी बच सकते हैं बशर्ते कि वह इस मामले में हुई देरी के लिए कोई मुनासिब कारण बताएं।

Related Posts: