केंद्रीय विद्युत राज्यमंत्री सिंधिया ने किया लोकार्पण
बीना, 26 दिसंबर. केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि. के 1200 केवी अति उच्च वोल्टेज (यूएचवी) एसी राष्ट्रीय टेस्ट स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया। विश्व के सर्वाधिक वोल्टेज स्तर वाला यह यूएचवी एसी उप.केन्द्र मध्य प्रदेश के बीना में स्थित है।
यह उच्च वोल्टेज विद्युत पारेषण में एक उल्लेखनीय अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है। यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का एक अनोखा उदाहरण है, जिसमें सभी यूएचवी उपकरणों को 35 भारतीय उत्पादकों के कंर्सोटियम ने पावरग्रिड के साथ मिलकर विकसित किया है। पावरग्रिड ने इसके लिए पर्याप्त संसाधन और मूल सिस्टम डिजाइन व स्पेसिफिकेशन उपलब्ध कराए हैं। उत्पादकों ने 1200 केवी के विभिन्न उत्पादों को डिजाइन करने, उत्पादित करने और उनके परीक्षण के लिए उपयुक्त सुविधाएं विकसित की हैं और टेस्ट स्टेशन के लिए उन्हें उपलब्ध कराया है।
यह परियोजना भारत के विद्युत ऊर्जा पारेषण के विकास में मील का पत्थर है। यह सूदूर क्षेत्रों में स्थित उत्पादन केन्द्रों से लंबी दूरी होकर भार केन्द्रों तक विद्युत के थोक पारेषण में मदद करेगी। इस नई खोज से राइट ऑफ -वे में भारी कमी आएगी, वनस्पतियों व जीवों पर होने वाले प्रभाव में कमी होगी और यह इससे देश में थोक विद्युत पारेषण गलियारों का किफायती विकास सुनिश्चित होगा। 1200 केवी की एक सिंगल सर्किट पारेषण लाइन 6000 से 8000 मेगावॉट तक विद्युत का पारेषण कर सकती है, अतएव यह प्रति मीटर राइट ऑफ -वे में 400 केवी और 800 केवी लाइन से ज्यादा विद्युत अंतरण क्षमता उपलब्ध कराती है।
इतना ही नहीं, रणनीतिक बढ़त के अलावा उपकरणों और सामग्रियों के स्वदेशी विकास से यह प्रणाली किफायती होगी और इसके समय पर प्रचालन व अनुरक्षण में आसानी रहेगी। देश की केन्द्रीय पारेषण उपयोगिता और एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम पावर ग्रिड वर्तमान में 96,000 सर्किट किमी से अधिक पारेषण लाइनों और 1,51,000 एमवीए से ज्यादा की ट्रांसफारमेशन क्षमता वाले 159 उप.केन्द्रों का प्रचालन कर रही है। स्टेट ऑफ. द आर्ट निवारक रख-रखाव तकनीकों के प्रयोग से पावर ग्रिड द्वारा अपनी पारेषण प्रणाली की उपलब्धता 99.9 प्रतिशत बनाए रखी गई है। वर्तमान में राष्ट्रीय ग्रिड की अंतर.क्षेत्रीय विद्युत पारेषण क्षमता लगभग 28,000 मेगावॉट है।

