नयी दिल्ली, 02 जनवरी.  देशी और विदेशी सैलानियों के लिए मध्यप्रदेश दिनों दिन एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बनता जा रहा है. पिछले वर्ष की तुलना में मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थल को देखने वालों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है. एक ओर घरेलू पर्यटकों में पचास फीसदी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई तो दूसरी ओर विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी बीस फीसदी से अधिक संख्या दर्ज की गई है.

पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों पर ध्यान दें तो वर्ष 2009 में मध्यप्रदेश में घरेलू पर्यटकों की संख्या 2 करोड़ 31 लाख थी जबकि यह संख्या वर्ष 2010 में बढ़कर 3 करोड़ 80 लाख तक पहुंच गई है यानि पर्यटकों की संख्या में लगभग पचास फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. यहीं नहीं विदेशी पर्यटकों के लिए भी मध्यप्रदेश एक महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल बनता जा रहा है. वर्ष 2009 में 2 लाख थी जबकि वर्ष 2010 में 2.50 लाख तक पहुंच गई है यानि विदेशी सैलानियों में भी बीस फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने स्थिति को और भी बेहतर करने के लिए पर्यटन स्थलों के विकास स्थल के राशि बढ़ा दी है. विशेषज्ञ इस बात पर बल दे रहे हैं कि मध्यप्रदेश और राजस्थान एक रजवाड़ा रहा है जिससे कि विदेशी पर्यटक खिचे चले जाते हैं जबकि घरेलू पर्यटक अलग-अलग देवताओं के भव्य मंदिरों के दर्शन हेतु विशेष तौर पर यात्रा करने जाते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटकों की भारी वृद्धि के कारण मध्यप्रदेश सरकार के राजस्व में भारी वृद्धि हुई है.

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