ममता ने कांग्रेस पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 3 जनवरी. तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने की संभावना लगातार बढ़ती जा रही है. दोनों के बीच बढ़ती तल्खी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा है कि कांग्रेस सीपीएम के साथ मिलकर उनकी पार्टी पर हमला करना चाहती है. ममता ने यह बयान इंदिरा भवन का नाम बदले जाने पर कांग्रेस के विरोध की प्रतिक्रिया में कहा है.

केंद्र में यूपीए की अहम सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ने यह भी कहा कि लोकपाल बिल पर आखिरी फैसला लेने से पहले सभी राजनीतिक दलों की राय लेनी चाहिए. ममता ने साफ कर दिया कि राज्यों में लोकायुक्त के गठन को लेकर अपने रुख पर वह अब भी कायम हैं कि यह राज्यों पर छोड़ देना चाहिए कि वो किस तरह का लोकायुक्त गठित करना चाहते हैं. ममता ने कहा,  हमारा मानना है कि लोकपाल सबकी सहमति से बनाना चाहिए और केंद्र सरकार को इस बारे में सभी राजनीतिक दलों से बात करनी चाहिए. दोनों पार्टियों के बीच बढ़ती दूरियों के संकेत पहले से ही मिल रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस के कई शीर्ष नेता सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि उनकी पार्टी को पश्चिम बंगाल में सरकार चलाने के लिए कांग्रेस के सहयोग की जरूरत नहीं है.

वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस भी ममता की सरकार को घेरने में पीछे नहीं है. कांग्रेसी सांसद मौसम नूर के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में इंदिरा गांधी की याद में  रखे गए इंदिरा भवन के नाम को बदलने के ममता के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है. ममता इस भवन का नाम मशहूर बंगाली कवि काजी नजरुल के नाम पर नजरुल भवन रखना चाहती हैं. युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया है. कांग्रेस की सांसद मौसम नूर ने पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. दोनों के बीच मतभेद और दूरियां यहीं खत्म नहीं होती हैं.  भूमि अधिग्रहण, एफडीआई और हाल ही में लोकपाल बिल पर सरकार का सिरदर्द बढ़ा चुकी ममता बनर्जी की पार्टी पेट्रोल की कीमत में फिर से बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए केंद्र को घेर सकती हैं. बीते नवंबर में पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी किए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने यूपीए से समर्थन वापस लेने की धमकी दी थी. कुछ हफ्ते पहले हुई बढ़ोतरी के बाद अभी तक तृणमूल कांग्रेस का रवैया बदला नहीं है. पार्टी की सांसद और ममता बनर्जी की सहयोगी काकोली घोष दस्तीदार ने कहा, हम दाम बढ़ाकर आम आदमी को परेशान नहीं करना चाहते हैं. हमने साफ किया है कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी के दाम बढ़ाने के खिलाफ हैं. जहां तक आगे होने वाली बढ़ोतरी का सवाल है, अभी उस पर हमें फैसला लेना है.

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव मुकुल रॉय के मुताबिक, पेट्रोलियम पदार्थों के दाम जब भी बढ़ेंगे, हम बैठक करेंगे और रणनीति तय करेंगे. तृणमूल कांग्रेस की ओर से लटक रही तलवार के साए में बुधवार को कैबिनेट पेट्रोल की कीमत बढ़ाए जाने पर अंतिम फैसला लेगी. तेल कंपनियां बीते सोमवार को पेट्रोल के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ोतरी करना चाहती थीं, लेकिन इसके लिए उन्हें सरकार की तरफ से हरी झंडी नहीं मिली थी. हो सकता है कि पांच राज्यों में चुनाव को देखते हुए सरकार तेल कंपनियों को पेट्रोल के दाम न बढ़ाने का संकेत दे. लेकिन केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस के लगातार विरोध से आजिज आ गई लगती है. यही वजह है कि पार्टी के भीतर तृणमूल कांग्रेस के बिना यूपीए गठबंधन को चलाने के लिए विकल्पों पर मंथन शुरू हो गया है.  कांग्रेस ऐसे सहयोगी की तलाश कर रही है, जो हर तरह के हालात में उसके साथ रहे. पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद 22 सांसदों वाली समाजवादी पार्टी को कांग्रेस तृणमूल की जगह संभावित साथी के तौर पर देख रही है.  कांग्रेस के कुछ रणनीतिकारों ने सलाह दी है कि तृणमूल को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद कांग्रेस-सपा गठबंधन तैयार कर वामपंथी दलों के साथ पुराने रिश्ते में जान फूंककर 2014 के लोकसभा चुनाव में जाना बेहतर विकल्प होगा.

कांग्रेस अब सपा से  जोड़ेगी नाता

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी के अड़ंगे लगाने वाले रवैये से तंग आ चुकी कांग्रेस ने उनसे पीछा छुड़ाने का मन बना लिया है. संसद में आंकड़ों की भरपाई के लिए वह इसके बदले समाजवादी पार्टी को अपले पाले में लाने का मंसूबा बना रही है, जिस पर मुलायम सिंह भी लगभग तैयार ही बैठे हैं. यूपी चुनाव के बाद इस नए राजनीतिक गठजोड़ को अमलीजामा पहनाया जा सकता है. कांग्रेस और तृणमूल के रिश्तों में तनाव का असर कोलकाता में भी दिखने लगा है. वहां कांग्रेस के कार्यकर्ता इंदिरा भवन का नाम नजरुल भवन किए जाने के कथित प्रस्ताव पर सरकार के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने सफाई देते हुए कहा कि इंदिरा भवन का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिर्फ नजरुल संग्रहशाला बनाने की बात कही थी.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध का जवाब ममता ने भी तल्ख तेवरों के साथ दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग सीपीएम के साथ मिलकर उनके खिलाफ मुहिम चला रहे हैं. ममता ने यह भी कहा कि लोकपाल विधेयक पर कांग्रेस के साथ कोई डील नहीं होगी. उन्होंने कहा कि केंद्र को लोकपाल विधेयक पर आम सहमति बनाने की कोशिश करनी चाहिए. और लोकायुक्ता का खाका तैयार करने का फैसला राज्यों पर छोड़ देना चाहिए. कांग्रेस आलाकमान भूमि अधिग्रहण बिल, रीटेल में एफडीआई और फिर लोकपाल बिल पर तृणमूल कांग्रेस के रवैये से काफी क्षुब्ध है. इन मुद्दों पर टीएमसी के रवैये और बयानबाजी के चलते सरकार को कदम पीछे खींचने पड़ चुके हैं, जिससे काफी किरकिरी भी हुई है. ममता के इस व्यवहार ने यूपीए सरकार के विरोधियों को भी यह कहना का पूरा मौका दिया कि सरकार के सहयोगी ही विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं. वैसे, ममता पर शुरू से ही गठबंधन धर्म नहीं निभाने के आरोप लगते रहे हैं. बंगाल में कांग्रेस को दगा देने वालों को भी ममता ने अपनी सरकार और पार्टी में बढिय़ा हैसियत दी है.

मालदा के कांग्रेस अध्यक्ष एस.मित्रा आजकल ममता की कैबिनेट में महिला-बाल विकास मंत्री हैं, तो चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ टीएमसी में शामिल होने वाले श्यामपदा मुखर्जी पर भी ममता मेहरबान हैं और उन्हें भी कैबिनेट में जगह दी गई है. अब त्रिपुरा ओर गोवा में भी ममता अपने प्रत्याशी उतारने की बात कहकर कांग्रेस की आंखों की किरकिरी बन गई हैं. कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि अब समय आ गया है जब अडिय़ल रुख वाली ममता बनर्जी को टा-टा कहकर समाजवादी पार्टी के साथ पूर्ण गठबंधन कर लिया जाए. कांग्रेस के एक गुट का कहना है कि लोकसभा में 19 सांसद वाली टीएमसी से बेहतर है कि 22 सांसदों वाली एसपी का दामन थाम लिया जाए. वरिष्ठ कांग्रेसियों का मानना है कि वैसे भी यूपी विधानसभा चुनाव के बाद यह गठबंधन उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस सत्ता के सिंहासन तक पहुंच सकता है. इस बारे में पूछे जाने पर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि अभी तक कांग्रेस से इस मसले पर कोई बात नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कोई भी फैसला चुनाव के बाद लेगी.

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