दो दिवसीय सत्संग के साथ गुरुपूर्णिमा महोत्सव सम्पन्न 5000 लोगों ने मंत्र दीक्षा ली

गांधीनगर, 24 जून (संवाददाता) गांधीनगर स्थित संत श्री आसाराम बापू आश्रम में दो दिवसीय सत्संग के बाद शुक्रवार शाम को मंत्र दीक्षा के साथ गुरुपूर्णिमा महोत्सव सम्पन्न हुआ जिसमे हजारो लोगो ने सत्संग का आनंद उठाया साथ ही बापू ने 5000 लोगो को मंत्र दीक्षा दी.

हजारों भक्तों को सत्संग के दौरान बापू ने अपने सत्संग सुनाते हुए कहा है कि भगवान न दूर है न दुर्लभ है जो सदा साथ निभाते है उसी का नाम भगवान है इसके विपरित जो कभी नहीं रहेगा वह जगत है.शरीर को कितना भी संभालोगे वह मिट जायेगा इसलिये गुरु की शरण में जाकर मुक्ति के मार्ग पर चलने की युकित् सीख लो जीवन सफल हो जायेगा यह सदविचार परम पूज्यनीय संत श्री आसाराम बापू ने गुरुपूर्णिमा महोत्सव के समापन अवसर पर गांधीनगर आश्रम में   शनिवार   को   व्यक्त किये.

उन्होने कहा है कि सदगुरु की महिमा सत्संग में ही सार है. जगत को झूठ, कपट, धोखे और राग द्वेष से भरा पडा है. सत्संग से मनुष्य महान बन सकता है. जिनके जीवन में सदगुरु के प्रति श्रृद्धा नहीं है वह तो कंगाल है चाहे उसके पास लाखो, करोडो, अरबो रुपये क्यो न हो फिर भी वह कंगाल का कंगाल ही रहेगा. रावण के पास सोने की लंका थी हिरण्यशिपु का स्वर्ण का हिरण्यपुर था फिर भी हम उसे धनवान नहीं कहेगे. उन्होने आगे कहा कि जिनको जीनव मुक्त सदगुरु का सानिध्य मिल गया और आत्मरुपी संतो का संग मिल गया वह बडभागी है.  अष्टावक्र महाराज को पाकर जनक भी अपने आपको को पाकर भगवान कृष्ण भी अपने आपको बडभागी मानते हे उन्होने आगे कहा कि जिनके जीवन में सत्संग नहीं वह संसार का सबसे अभागा मनुष्य है. मनुष्य को भगवान सतुति को जीवन का आधार बनाना चाहिये. भगवान स्तुति से सोये जाग उठते है. हार भी जीत में बदल जाती है.
कमजोरियो बन ब न जाती है और विफलता सफलता में तबदील हो जाती हैं उतार चढाव हर व्यक्ति के जीवन मे आता है. इसे प्रभु की इच्श्रछा मानकर हमेशा प्रसन्न  रहना चाहियें

गुरु महिमा

गुरु की महिमा बताते हुये कहा है कि जिनके जीवन में गुरु का वाश नहीं है वह बाहर से कितने भी उंचे हो लेकिन वास्तव में वह दुर्भाग्यशाली है. मनुष्क्ष्य का विकास, उन्नति और उद्वार गुरु के बिना नहीं हो सकती गुरु की संयम सहजता शक्ति, माधुर्य और जीवन की दिशा बता सकते है इसलिये निगुरे नहीं रहना चाहिये. 5000 लोगो ने ली मंत्र दीक्षा – सत्संग स्थल में शुक्रवार शाम को मंत्र दिशा का विशेष कार्यक्रम रखा गया. पूज्य बापू जी ने करीब 5000 लोगो ने मंत्रदीक्ष ली. बच्चो की बुद्धिशक्ति बढाने के लिये सास्वत्य मंत्र की दीखा प्रदान की तथा बडो का गुरु मंत्र की दीक्षा प्रदान की. इसके साथ उनको आशीर्वाद मंत्र भी दिया. मंत्र दीक्ष से क्या फायदे होते है बताते हुये बापू जी ने कहा कि सदगुरु द्वारा प्राप्त गुरुमंत्र से 33 प्रकार के आध्यात्मिक लाभ होते है. मंत्रो में सुशुप्त शक्तियो को जागृत करने की विलक्षण क्षमता होती है. यंत्र से भी परम लक्ष्य आत्मसाक्षाकार को भी प्राप्त कर सकता है. इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश कृपलानी, जयकिशन, विशम्बर राजदेव, नारायण सिंह परमार, हरीश मेहरचंदानी, अनिल चौबे, प्रदीप चौहान, अशोक माली सहित बडी संख्या में श्रृद्धालुगण उपस्थित थे.

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