बड़ा उलटफेर हो तो कोई हैरानी नहीं

कोलंबो, 14 सितंबर. श्रीलंका में 18 सितंबर से शुरू हो रहा आईसीसी ट्वंटी-20 विश्व कप इस बार सबसे खुला विश्व कप माना जा रहा है और इसमें खिताब के एक नहीं बल्कि कई दावेदार हैं.

विश्वकप से पहले कई अंतरराष्ट्रीय ट्वंटी-20 मैचों में ऐसे परिणाम देखने को मिले हैं जिससे यह माना जा रहा है कि यदि इस बार खिताब के लिए कोई बड़ा उलटफेर हो जाए तो किसी को हैरानी नहीं होगी. आस्ट्रेलिया ने दुबई में पाकिस्तान से पहले दो ट्वंटी-20 हारने के बाद तीसरे ट्वंटी-20 में पाकिस्तान को बुरी तरह रौंद दिया था जबकि न्यूजीलैंड ने भारत को उसी की जमीन पर एक रन से शिकस्त दे डाली. दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज 1-1 की बराबरी पर छूटी. विश्वकप से पूर्व अभ्यास मैचों में श्रीलंका ने वेस्टइंडीज की प्रबल दावेदार मानी जा रही टीम को नौ विकेट से रौंद दिया जबकि एसोसिएट सदस्य आयरलैंड ने जिम्बाब्वे को चौंका दिया. श्रीलंका की पिचों के बारे में भी कोई सही कयास नहीं लगाए जा रहे. भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि श्रीलंका की पिचें अब स्पिनरों को उतनी मदद नहीं करती हैं और इन पिचों पर इस बार पार्ट टाइम गेंदबाज ज्यादा कामयाब होंगे.  भारत ने 2007 में पहला विश्वकप जीता था जबकि पाकिस्तान ने 2009 में दूसरे विश्वकप में जीत हासिल की थी.

इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज में हुए तीसरे विश्वकप मे ंजीत दर्ज की थी. इंग्लैंड मौजूदा ट्ïवंटी-20 रैंकिं ग मे नंबर एक टीम है. दक्षिण अफ्रीका दूसरे मेजबान श्रीलंका तीसरे वेस्टइंडीज चौथे और न्यूजीलैंड पांचवें स्थान पर हैं. पाकिस्तान छठे, भारत सातवें .बंगलादेश आठवें, आस्ट्रेलिया नौंवें, आयरलैंड दसवें और जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर हैं. भारत ने इंडियन प्रीमियर लीग, बंगलादेश में बंगलादेश प्रीमियर लीग और श्रीलंका में श्रीलंका प्रीमियर लीग के आयोजन से विदेशी खिलाडिय़ों को भारतीय उपमहाद्वीप की परिस्थितियों के बारे में पहले से बेहतर जानकारी हो गई है. कभी समय था जब भारतीय उपमहाद्वीप की पिचें विदेशी खिलाडिय़ों के लिए रहस्यमय हुआ करती थी लेकिन इन ट्ïवंटी-20 लीग और खासतौर पर इन आईपीएल के आयोजन में इन पिचों के रहस्य से पर्दा ही उठा दिया है.

आस्ट्रेलिया बेशक रैंकिंग में नौवें नंबर पर है लेकिन उसने दुबई में तीसरे ट्ïवंटी-20 मैच को पाकिस्तान को उसके न्यूनतम स्कोर 74 रन पर लुढ़काकर यह संकेत दे दिया था कि उसे इस फार्मेेट में खारिज नहीं किया जा सकता है. पाकिस्तानी टीम इस समय शानदार फार्म में हैं और मोहम्मद हफीज तथा उमर गुल जैसे गेंदबाजों और करिश्माई आलराउंडर शाहिद आफरीदी के दम पर उसका सफ्र काफ्ी आगे जा सकता है. भारत ने गत वर्ष वनडे विश्व कप जीता था. इस वर्ष उसने अंडर 19 विश्वकप जीता और अब उसकी नजरें ट्ïवंटी-20 विश्व कप पर है. न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली एक रन की हार ने धोनी के सूरमाओं को सचेत कर दिया होगा कि यदि खिताब जीतना है तो प्रदर्शन में कोई कोताही नहीं दिखानी होगी. मेजबान श्रीलंका घरेलू माहौल का फ्यादा उठाने का प्रयास करेगा जबकि शीर्ष दो टीमें दक्षिण अफ्रीका और गत चैंपियन इंग्लैंड अपनी श्रेष्ठता साबित करने उतरेंगे. दक्षिण अफ्रीका का लक्ष्य बड़े टूर्नामेंटों में चोकर्स का ठप्पा उतारना होगा.

वेस्टइंडीज को आश्चर्यजनक रूप से कई पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ खिताब का प्रबल दावेदार मान रहे हैं. कैरेबियाई टीम को अपने तूफानी ओपनर क्रिस गेल से करिश्मे की उम्मीद है.
आयरलैंड की टीम ने अभ्यास मैच में अपने प्रदर्शन से दिखाया है कि वह उलटफेर करने में सक्षम हैं लेकिन यह कह पाना बहुत मुश्किल है कि कौन सी टीम खिताब की प्रबल दावेदार है. ट्वंटी-20 खेल ही ऐसा है जिसमें कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है.

चैंपियन्सलीग में घरेलू नहीं आईपीएल टीमों में खेलेंगे विदेशी खिलाड़ी

नई दिल्ली,. दक्षिण अफ्रीका में अगले महीने होने वाले चैंपियन्स लीग ट्ïवंटी-20 के लिए चुने गए नौ खिलाडिय़ों ने अपनी घरेलू टीमों की बजाय इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीमों में खेलने का फैसला किया है.

त्रिनिदाद एंड टोबैगो के ड्वेन ब्रावो, कीरोन पोलार्ड और सुनील नारायण उन खिलाडिय़ों में शामिल हैं जो अपनी घरेलू टीमों की बजाय चैंपियन्स लीग में उन टीमों की ओर से खेलेंगे जिनका वह आईपीएल में प्रतिनिधित्व करते हैं. चैंपियन्स लीग में ड्वेन ब्रावो चेन्नई सुपर किंग्स, कीरोन पोलार्ड मुंबई इंडियन्स और सुनील नारायण कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलेंगे. चैंपियन्स लीग में हिस्सा लेने वाली सभी 4 टीमों की आज घोषणा कर दी गई. इसके अलावा जिन विदेशी खिलाडिय़ों ने आईपीएल टीमों में खेलने की पुष्टि की है उनमें डू प्लेसिस, एल्बी मोर्केल और माइकल हसी चेन्नई सुपर किंग्स मिशेल जानसन, मुंबई इंडियन्स ब्रेट ली, नाइट राइडर्स और मोर्न मोर्केल दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से खेंलेंगे.

हालांकि टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार आईपीएल फ्रेंचाइजियों को सभी विदेशी खिलाडिय़ों को आईपीएल टीमों में खेलाने के लिए इन विदेशी खिलाडिय़ों की घरेलू टीमों को मुआवजे के तौर पर डेढ़ लाख डालर की राशि की भुगतान करना होगा. त्रिनिदाद टोबैगो को भले ही वित्तीय रूप से इसका फ्यादा मिले लेकिन उसके तीन अहम खिलाडिय़ों के घरेलू टीमों की बजाय आईपीएल टीमों में खेलने से उसे टूर्नामेंट में नुकसान उठाना पड़ सकता है.

Related Posts: