भोपाल, 24 मई. यूपीए सरकार द्वारा पेट्रोल की कीमत में बेतहाशा वृद्घि को लेकर राजधानी में आम जनता सहित राजनैतिक दलों एवं संगठनों ने पुरजोर विरोध किया है. राजधानी भोपाल में भी भाजपा ने जहां मशाल जुलूस निकाला वहीं अन्य राजनैतिक पार्टियों ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के इस निर्णय की निन्दा की है. संगठनों द्वारा केद्र की इस जन विरोधी नीतियों को लेकर देशव्यापी बंद का आयोजन 31 मई को किया जा रहा है.

राजधानी में गुरुवार को भाजपा सहित समाजवादी पार्टी, माकपा, कम्फरट्रेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, मेहनतकश मजदूर मोर्चा, इंश्योरेंस एम्पलाईज यूनियन, सेमी गवर्नमेंट एम्पलाईज फेडरेशन, भाकपा, जनता दल-यू सहित विभिन्न संगठनों ने अपने-अपने तरीके से विरोध प्रदर्शन कर विरोध जताया. भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुरुवार को राजधानी में मशाल जुलूस निकाल कर केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल की मूल्यवृद्घि वापस लिये जाने की मांग की. जिला स्तर पर मशाल जुलूस के पूर्व युवा मोर्चा द्वारा वाहनों की शवयात्रा एवं महिला मोर्चा द्वारा थाली-बेलन बजाकर गूंगी, बहरी और संवेदनहीन केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई.

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जीतू जिराती ने आरोप लगाया कि बेतहाशा महंगाई में पेट्रोल के मूल्य 7.5 रु. बढ़ाकर यूपीए की संवेदनहीन सरकार न आमजन के साथ क्रूर मजाक किया है. भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विधायक नीता पटैरिया ने सिवनी में धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुये कहा कि केंद्र सरकार ने तीन वर्षों में पेट्रोल के दामों में 16 बार वृद्घि कर प्रति लीटर पेट्रोल के दाम 40 रुपये से 78.51 रुपये से ऊपर पहुंचा दिये. तेल कम्पनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं.

ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन, स्टूडेंट्ïस फेडरेशन एवं भारत टॉकीज ठेला हम्माल यूनियन ने केंद्र सरकार द्वारा की गई पेट्रोल मूल्यवृद्घि के लेकर भारत टॉकीज पर विरोध प्रदर्शन किया. विरोध स्वरूप केंद्र और राज्य सरकार का पुतला भी दहन किया गया. इस मौके पर हरि साहू व अध्यक्ष नंदकिशेर शर्मा एवं मो. अलताफ, आशीष स्ट्रगल, ध्रुव मिश्रा, विशाल रघुवंशी, राहुल राठौर, राजकुमार ङ्क्षसह आदि उपस्थित थे. पेट्रोल के दामों में हो रही लगातार वृद्घि के चलते गुरुवार को अपरान्ह नेहरू नगर स्थित चौराहे पर केंद्र के पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डïी, सोनिया गांधी व प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया.

पेट्रोल मूल्यवृद्घि को लेकर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के बैनर तले केंद्र की यूपीए सरकार के द्वारा अचानक पेट्रोल का मूल्य बढ़ाये जाने के विरोध में तांगे चलाकर प्रदर्शन किया गया. इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक शर्मा एवं अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष एम.एस. जाफरी, गोपाल तिवारी, हाजी बाबू भाई तौफिक अहमद, नवल प्रजापति, मुमताज अली राजा, एम. एजाज, मो. नफीस, मो. इरशाद लब्बू भाई, हारून भाई, मो. रिजवान आदि मौजूद थे. पेट्रोल के दामों में हुई भारी वृद्घि को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी ङ्क्षसह यादव ने कहा कि केंद्र सरकार को अब सरकार चलाने का कोई हक नहीं है. उसे बर्खास्त किया जाये. जनता लगातार महंगाई की मार झेलती आ रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ महंगाई को लेकर जनता पहले से ही गुस्से में है. ऐसे में पेट्रोल के दामों में वृद्घि कर जनता के साथ अन्याय किया गया है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

यूपीए सरकार द्वारा पेट्रोल में लगातार की जा रही मूल्यवृद्घि के कारण आम जनता पर बोझ बढ़ रहा है. सरकार में बैठे अर्थशस्त्री प्रधानमंत्री मूकदर्शक बनकर रुपये की गिरती साख को बचा नहीं पा रहे हैं. एक डॉलर की कीमत भारतीय रुपये के मुकाबले 56 रुपये प्रति डॉलर हो गई है. अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री होने के बावजूद भी प्रधानमंत्री आर्थिक मोर्चे पर एवं आर्थिक नीतियों पर विफल साबित हुये हैं. उसी का परिणाम है कि विदेशी पूंजी का अभाव पैद हुआ है. इसके कारण महंगाई और बढ़ेगी और देश का विकास रुकेगा. पेट्रोल की फिजूलखर्ची को रोकने के लिये सरकार द्वारा कोई नीति नहीं है. उक्ताशय का आरोप जद-यू के जिलाध्यक्ष सत्यवीर ङ्क्षसह ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाया.

पेट्रोल की कीमत में भारी वृद्घि वापस लेने की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा 25 मई को पूर्वान्ह 11 बजे स्थानीय मंगलवारा चौराहे पर थाने के समीप प्रदर्शन कर पुतला दहन किया जयेगा. उक्ताशय की जानकारी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव शैलेंद्र कुमार शैली ने दी. 3 साल में 16 बार पेट्रोल के भाव 40 रुपये प्रति लीटर से 78.50 पैसे किया जाना यूपीए सरकार की जन विरोधी नीति के स्पष्टï करता है. वहीं पुन: पेट्रोल के दामों में 388.50 की जो बेतहाशा वृद्घि की गई वह न्याय संगत नहीं है. प्रदेश में मेहनतकश मजदूर मोर्चा के महासचिव मानङ्क्षसह ने उक्ताशय का आरोप लगाया है.

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल की मूल्यवृद्घि के विरोध में एनडीए द्वारा 31 मई को भारत बंद का आह्वïान किया गया है, जिसका समर्थन कम्फरट्रेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) करेगा. उक्ताशय की जानकारी कम्फरट्रेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रवक्ता विवेक साहू ने दी.
समाजवादी पार्टी के शहर अध्यक्ष सैयद मुजद्ïदिद हसन ने यूपीए सरकार द्वारा अब तक की सबसे अधिक पेट्रोल मूल्यवृद्घि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा है कि यह केंद्र सरकार की असफलता एवं पंगु नीतियों का नतीजा है. इस तरह का कृत्य आमजन की जेब पर डाका डालने जैसा है. यूपीए-2 सरकार द्वारा पेट्रोल क कीमतों में बेतहाशा वृद्घि वास्तव में आम जनता पर हमलों की एक और बानगी है. आम जनता की जेबों को काटकर मुनाफाखोरों की तिजोरियों को भरने वाली उदारीकरण की नीतियां आज जनता के सामने स्पष्टï है. इन नीतियों को पलटने के लिये जनता को सड़क पर उतर कर संघर्ष करना पड़ेगा. गुरुवार को माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की भोपाल जिला समिति ने जिसी चौराहे पर प्रदर्शन कर विरोध जताया. प्रदर्शन करने वालों में सचिव पूषन भट्टïाचार्य, जिला समिति सदस्यगण पी.एन. वर्मा, देवयानी घोषण, रामप्रकाश, शरद शुक्ला, साधना प्रधान ने किया.

केंद्र की यूपीए-2 सरकार के इशारे पर तेल कम्पनियों द्वारा पेट्रोल के दामों में की गई 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ïोत्तरी से नाराज कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व यूनियन के महामंत्री सरवर अंसारी ने किया. सेमी गवर्नमेंट एम्पलाईज फेडरेशन एम.पी. के प्रांताध्यक्ष अनिल बाजपेयी, महसचिव हातिम अली ने पेट्रोल के दाम बढ़ाने का कड़ा विरोध किया है. बाजपेयी ने आरोप लगाया कि एक साथ साढ़े सात रुपये एक लीटर पर बढ़ाना न्यायोचित नहीं है, जिसमें केंद्र एवं राज्य शासन को पुनर्विचार कर बढ़ी हुई दर वापस लेना चाहिये.

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