गेंहू उपार्जन कार्यों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

अगले चार दिन में पहुँचेगी चार और रैक

भोपाल,12 मई,नभासं. बगैर बारदानों के किसानों से गेंहू खरीदने का निर्णय लेने के बाद सरकार ने मंड़ी प्रांगण में पक्के चबूतरे और प्लेटफार्म बनाने का निश्चय किया है.इन्हें 6 जिलों में प्राथमिेता के साथ बनाया जाएगा.

मुख्य सचिव आर. परशुराम ने प्रदेश में हो रहे गेहूँ उपार्जन अभियान की आज मंत्रालय में समीक्षा की. मुख्य सचिव ने विशेष रूप से छह जिलों, धार, होशंगाबाद, हरदा, विदिशा, सीहोर और रायसेन में उपार्जित गेहूँ के खुले भंडारण के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की. इन जिलों के लिए अधिकृत प्रमुख सचिवों ने बगैर बारदानों के गेहूँ के सुरक्षित भंडारण के लिए प्रारंभ किए गए प्रयासों की जानकारी दी. मुख्य सचिव ने खुले भंडारण कार्य में मंडी प्रांगणों में निर्मित पक्के चबूतरों और नए प्लेटफार्म बनवाकर गेहूँ रखे जाने पर प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. इस उद्देश्य से किए जाने वाले निर्माण कार्यों की स्वीकृति तत्काल दी जाएगी. अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण अंटोनी डिसा ने बताया कि केन्द्र सरकार सहित औद्योगिक संस्थानों और अन्य राज्यों से बारदाना आ रहा है. व्यवस्था होते ही खरीदी केन्द्रों तक इसे पहुँचाने पर ध्यान दिया जा रहा है.

डिसा ने बताया कि प्रदेश में 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ उपार्जन के अनुमान के मुताबिक 3 लाख 20 हजार बारदाना गठानों की आवश्यकता थी. प्रदेश में इस समय 2 लाख 40 हजार गठानें उपलब्ध हैं. शेष 80 हजार गठानों की व्यवस्था की जा रही है. बैठक में बताया कि कल रात्रि एक रैक ग्वालियर पहुँच गई है. दो अन्य रेलवे रैक इटारसी, जबलपुर रविवार तक पहुँच रही हैं. इसके अलावा मण्डीदीप एवं सागर में भी दो रैक शीघ्र पहुँच रही हैं.

प्रमुख सचिवों ने दी इंतजाम की जानकारी
बैठक में छह जिलों के लिये अधिकृत किये गये चार प्रमुख सचिवों ने अपने प्रभार के जिलों में गेहूँ के लूज भण्डारण के लिये चिन्हित स्थानों, आवश्यक अधोसंरचना के लिये तात्कालिक रूप से तैयार योजना एवं उपार्जन कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी.

इन्हें दिया समन्वय का काम
उल्लेखनीय है कि होशंगाबाद जिले में प्रशासन के साथ समन्वय के लिये अधिकृत प्रमुख सचिव लोक निर्माण के.के. सिंह, हरदा जिले के लिये अधिकृत प्रमुख सचिव जल संसाधन आर.एस. जुलानिया, विदिशा एवं धार जिलों के लिये अधिकृत प्रमुख सचिव सहकारिता पी.सी. मीणा और सीहोर और रायसेन जिलों के लिये भण्डारण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये जिला प्रशासन के साथ तालमेल बैठाने के लिये प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती अरूणा शर्मा को अधिकृत किया गया है.

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