लाहौर/नयी दिल्ली, 4 जून. भारत और पाकिस्तान के बीच एक से तीन मैचों की सीरीज का आयोजन इंग्लैंड के भारत दौरे के बीच में आयोजित की जा सकती है और इसके दिल्ली में होने की संभावना है.

इंग्लैंड की टीम भारत में चार टेस्ट मैच और दो ट्ïवंटी-20 मैच खेलने के बाद दिसंबर अंत में क्रिसमस और नववर्ष के लिए स्वदेश लौट जाएगी और फिर जनवरी की शुरूआत में वापस भारत आएगी. इस दौरान 13 दिन का समय खाली है और यही वह समय है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमित ओवरों की सीरीज हो सकती है. इस दौरान पाकिस्तान के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के एक मैच में आने की भी संभावना है. इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने संकेत दिये थे कि भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों को बहाल करने की दिशा में उनकी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम कम से कम एक मैच के लिए इस वर्ष के अंत तक भारत दौरा कर सकती है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का मानना है कि एक मैच खेलने का कोई तुक नहीं है लेकिन यह सीरीज तीन मैचों से अधिक की नहीं हो सकती है लेकिन अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक इस बारे में बीसीसीआई कार्यकारी समिति की बैठक में जल्दी ही कोई फैसला लिया जा सकता है ताकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की इसी महीने कुआलालंपुर में होने वाली वार्षिक बैठक में बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और पीसीबी के अध्यक्ष मोहम्मद जका अशरफ के साथ इस सीरीज के लिए समझौते पर हस्ताक्षर कर सकें. इससे पहले अशरफ के हवाले से पाकिस्तानी समाचार पत्र डेली टाइम्स से कहा कि इस वर्ष पूरी सीरीज खेल पाना संभव नहीं है लेकिन निश्चित रूप से हम एक मैच खेल पाने की कोशिश कर रहे हैं. इस बारे में हमने बीसीसीआई के अधिकारियों से बात की है. कम से कम एक मैच होने से भी यह संदेश जाएगा कि हम क्रिकेट संबंधों को सामान्य करने की ओर बढ़ रहे हैं. एक हफ्ते के भारत दौरे से वापस लौटे अशरफ ने साथ ही कहा कि इस माह के अंत तक प्रस्ताति एक मैच के लिए तारीख पर अंतिम फैसला हो सकता है.

उन्होंने कहा कि वह भारतीय बोर्ड के साथ बेहतर संबंध बनाने को लेकर बेहद उत्सुक हैं और इस दिशा में पूरी कोशिश कर रहे हैं. अशरफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने भी जम्मू.कश्मीर में नियंत्रण रेखा का दौरा करने के बाद कहा था कि भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान से खेलने को तैयार हैं लेकिन कब और कहां खेलना है. यह तय करना बोर्डों का काम है.

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