आगामी चुनाव में यूपी का बंटवारा बन सकता है सबसे बड़ा मुद्दा

लखनऊ, 7 नवंबर. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री मायावती यूपी के बंटवारे का कार्ड खेल सकती हैं। यूपी सरकार के सूत्रों के मुताबिक 21 नवंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मायावती उत्तर प्रदेश के बंटवारे का प्रस्ताव पेश कर सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो आगामी विधानसभा चुनावों में ये सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है।

यूपी को चार हिस्सों में बांटने की मांग होती रही है। बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग पुरानी है। पिछले दिनों जब पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की मांग उठी तो राज्य सरकार ने प्रदेश के चार हिस्से करने का समर्थन कर दिया। यूपी के बंटवारे का प्रस्ताव विधानसभा में पास कराना मायावती के लिए आसान नहीं होगा क्योंकि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी इस प्रस्ताव का सबसे ज्यादा विरोध कर रही है। बाकी दल भी मायावती का साथ देंगे इसकी उम्मीद कम है। इसके अलावा मायावती को उन्हीं की पार्टी के सभा विधायकों का समर्थन मिलने की गारंटी नहीं है क्योंकि पिछले दिनों टिकटों के बंटवारे से असंतुष्ट बीएसपी के कई विधायक पाला बदल चुके हैं। बीएसपी के करीब 45 ऐसे विधायक हैं जिनके टिकट कटे हैं। ऐसे में अगर ये विधायक विभाजन के प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान सदन में नहीं आए तो ये प्रस्ताव गिर जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश पार्र्टियों का समर्थन न मिलने के बावजूद मायावती बंटवारे का प्रस्ताव लाने को लेकर गंभीरता से विचार कर रही हैं।

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