लखनऊ, 1 दिसंबर. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने लोकायुक्त की सिफारिश पर राज्य के अम्बेडकर ग्रामीण विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रतन लाल अहिरवार को बृहस्पतिवार को पद से हटा दिया।

झांसी की बबीना विधानसभा सीट से बसपा विधायक अहरिवार से कल मुख्यमंत्री मायावती ने इस्तीफा ले लिया था जिसे राज्यपाल ने मंजूरी दे दी। अहरिवार का विभाग राज्य के पंचायती राज मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को सौंपा गया है। गत 28 नवम्बर को लोकायुक्त ने मंत्री को बर्खास्त किए जाने की सिफारिश की थी। मंत्री पर वित्तीय अनियमितताओं एवं विधायक निधि के दुरूपयोग तथा सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोप थे।

मायावती के सुरक्षा कर्मियों पर मुकदमा

मुख्यमंत्री मायावती की सुरक्षा में तैनात छह पुलिस कर्मियों पर उपद्रव, लूट और महिलाओं से बदसलूकी जैसे गंभीर जुर्म में कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।  मजिस्ट्रेट डीडी ओझा ने जीआरपी थानाध्यक्ष से सात दिनों में विवेचना की  रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। आदेश पुरानी सीमापुरी दिल्ली निवासी मौज्जम हुसैन की अर्जी पर दिया है। मौज्जम ने अधिवक्ता कुंवर अयूब अली के माध्यम से अदालत में अर्जी दी थी। इसमें कहा गया है कि उसका भाई महफूज, मारूफ, मसरूफ, भांजे नवाज खां व रिश्तेदार अनवर खां के साथ 9 नवंबर को गोमती एक्सप्रेस में फिरोजाबाद से आरक्षित कोच-6 में गाजियाबाद आ रहे थे। इसी कोच में मुख्यमंत्री मायावती की सुरक्षा में तैनात हेड कांस्टेबिल विद्या सागर, रविंद्र सिंह, आरक्षी संतोष कुमार, भैया लाल, एसआई बेचई प्रसाद तथा राजेश कुमार व छह सात अन्य पुलिसकर्मी पहले से ही मौजूद थे। ये सभी शराब के नशे में थे तथा गालियां बक रहे थे। मना करने पर इन पुलिस कर्मियों ने महफूज पर पिस्टल से हमला कर दिया। उसके बाकी लोगों ने जब इसका विरोध किया तो सभी पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और महिलाओं के साथ अश्लील हरकते कीं तथा गले में पहने हुए आभूषण लूट लिए। शोर मचाने पर लोगों ने इन्हें पुलिसकर्मियों के कब्जे से छुड़ाया।

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