लंदन ओलम्पिक में आज भारत

लंदन. 27 जुलाई. पदक की सबसे बडी उम्मीद माने जा रहे गत बीजिंग ओलंपिक के स्वर्ण विजेता अभिनव बिंद्रा राष्ट्रमंडल खेलों में चार स्वर्ण जीतने वाले गगन नारंग और नंबर वन डबल ट्रैप शूटर रोंजन सोढी समेत रिकार्ड 11 भारतीय निशानेबाज रायल आर्टिलरी बैरेक्स में शनिवार से शुरू हो रही लंदन ओलंपिक की निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में कुल 400 प्रतिद्वंद्वियों की चुनौती से पार पाकर करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए निशाना साधेंगे.

30वें ओलंपिक में भारत का रिकार्ड 81 सदस्यीय दल 13 खेलों में हिस्सा ले रहा है जिनमें 11 निशानेबाज शामिल हैं इन पर इस बार उम्मीदों का भारी बोझ है. भारतीय निशानेबाजों ने पिछले कुछ वर्षों में निरंतर सुधार किया है. निशानेबाजों ने पिछले लगातार दो ओलंपिक में देशवासियों को निराश नहीं किया और इस बार तो उनसे पहले से भी कहीं बेहतर प्रदर्शन की आशा की जा रही है.

एथेंस ओलंपिक में राज्यवर्धन राठौर ने डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश को वर्ष 2004 में एकमात्र पदक दिलाकर उसकी लाज बचाई तो बीजिंग ओलंपिक में बिंद्रा ने इस रजत को सोने में बदल दिया. इस बार लंदन ओलंपिक में सभी निगाहें बिंद्रा, नारंग और सोढी पर लगी रहेंगी. इनके साथ-साथ ट्रैप शूटर मानवजीत सिंह संधू भी यदि कुछ कमाल कर जाएं तो कुछ हैरत नहीं होगी, वहीं भारत की स्टार युगल खिलाडी ज्वाला गुट्टा लंदन ओलंपिक की बैडमिंटन प्रतियोगिता में शनिवार को जब यहां वेम्बली एरेना में महिला युगल और मिश्रित युगल में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी तो इस स्टेडियम में उनका पिछला प्रदर्शन उनके लिए प्रेरणा का काम करेगा.

मिश्रित युगल में ज्वाला और वी. दीजू की गैरवरीय जोड़ी ग्रुप सी में लिलियाना नात्सिर और तोंतोवी अहमद की तीसरी सीड इंडोनेशियाई जोड़ी के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी. विश्व रैंकिंग में 13वें स्थान पर काबिज भारतीय जोड़ी को यह मैच जीतने के लिए चमत्कारिक प्रदर्शन करना होगा. ज्वाला और दीजू को बेहद कठिन ड्रा मिला है. उनके साथ इस ग्रुप में शामिल अन्य तीन जोडिय़ां विश्व चैंपियनशिप की विजेता या ओलंपिक स्वर्ण विजेता हैं जबकि भारतीय जोड़ी सबसे निचली रैंकिंग पर काबिज है. इस ग्रुप में शामिल डेनमार्क के थामस लेबोर्न और कैमिला राइटर जूल की जोड़ी ने 2009 में विश्व चैंपियनशिप जीती थी. ग्रुप की चौथी टीम कोरिया के ली योंग देई और हा जुंग इयून की जोडी है जिसे विश्व रैंकिंग में नौंवीं रैंकिंग हासिल है.

भारतीय जोड़ी ग्रुप में शामिल तीन जोडिय़ों में से केवल कोरियाई जोड़ी को ही हराने में सफल रही है लेकिन बाकी दो टीमों के खिलाफ उसे हार का मुंह देखना पडा है. ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली दो टीमों को क्वार्टरफाइनल का टिकट मिलेगा. ऐसे में ज्वाला और गट्टा को नाकआउट चरण में पहुंचने के लिए चमत्कारिक प्रदर्शन करना होगा. महिला युगल में विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा का ग्रुप बी में पहला मुकाबला चौथी सीड जापानी जोडी मिजूकी फूजी और रेइका काकीवा से होगा. यहां भी भारतीय जोडी की राह आसान नहीं है. इस ग्रुप में भी भारतीय जोडी सबसे निचली रैंकिंग की है.

भारतीय नौकायन दल की निगाहें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर

भारतीय नौकायन दल के लिए पदक की संभावना लगभग नहीं के बराबर है लेकिन देश के नौका चालक आज यहां ओलंपिक अभियान शुरू करेंगे तो उनकी कोशिश अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की होगी. भारतीय दल के तीन सदस्यों में स्वर्ण सिंह (एकल स्कल), मंजीत सिंह और संदीप कुमार (युगल स्कल) शामिल हैं. कोच इस्माइल बेग ने पहले ही बता दिया है कि अगर तीन सदस्यीय भारतीय टीम एकल स्कल स्पर्धा में शीर्ष 15 में रहती है तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी. एकल स्कल में 33 नौका चालक भाग ले रहे हैं जबकि युगल स्कल में 22 नौका चालक हैं.

बेग ने कहा कि स्वर्ण अगर सात मिनट के करीब का समय निकाल लेते हैं तो एकल स्कल में हीट में शीर्ष छह में आ सकते हैं जिससे वह क्वार्टरफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लेंगे. युगल स्कल टीमों के लिए काफी मुश्किल होगी और अगर वे छह मिनट 30 सेकेंड का समय निकाल लें तो वे क्वार्टरफाइनल के लिए क्वालीफाई कर सकते हैं. बेग पिछले 11 वर्षों से नौकायन टीम के साथ हैं और यह उनका लगातार तीसरा ओलंपिक है. उनके नेतृत्व में पिछले एशियाई खेलों में भारतीय नौकायन दल ने नौ पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था. नौकायन प्रतियोगिता डोर्ने लेक में चार अगस्त तक चलेगी जिसकी 14 पदक स्पर्धाओं में 353 पुरूष और 197 महिलायें भाग लेंगी.

इन स्पर्धाओं में दो तरह की नौकाओं (हेवीवेट और लाइटवेट) का इस्तेमाल किया जाएगा जिसमें दो स्टाइल की रोइंग होगी. एक स्वीप जिसमें प्रत्येक प्रतिभागी एक चप्पू का इस्तेमाल करेंगे जबकि दूसरी स्कल जिसमें वे दो चप्पू का इस्तेमाल करेंगे. स्कल स्पर्धा में पुरूष और महिला एकल, युगल, लाइटवेट युगल और चौकड़ी शामिल हैं. स्वीप स्पर्धा में पुरूष और महिला जोड़ी और ऐटस (आठ) और पुरूष चौकड़ी तथा लाइटवेट चौकड़ी शामिल है.

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