दुनिया चलाने के लिये बेटी बचाना जरूरी: मुख्यमंत्री

भोपाल,7 नवम्बर.मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि मीना समाज के मान-सम्मान को बढ़ाने के लिए सदैव कार्य करते रहेंगे. समाज की मांगों के लिए वे भारत सरकार से भी आग्रह करेंगे. यह बात चौहान ने आज स्थानीय गांधी भवन में आयोजित प्रथम प्रांतीय मीना समाज महिला सम्मेलन में कही. सम्मेलन का आयोजन मध्यप्रदेश मीना समाज सेवा संगठन द्वारा किया गया था.

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बेटे के जन्म में भेदभाव एक बहुत बड़ी समस्या है. यह केवल किसी एक समाज अथवा देश प्रदेश की समस्या नहीं है. इस समस्या का कारण बेटी को बोझ मानने की सोच है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेटियाँ बोझ नहीं है. वे लाडली लक्ष्मी है. सरकार ने बेटी के जन्म, शिक्षा-दीक्षा, विवाह आदि सभी कार्यों में सहयोग की योजनाएँ प्रारंभ की है. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि दुनिया चलाने के लिए बेटी को बचाना जरूरी है. बेटी ममता, करूणा, दया और प्रेम का प्रतिरूप हैं. उसकी हर सांस माता-पिता के लिए चलती है. उन्होंने कहा कि यदि बेटी नहीं होगी तो बहू कहाँ से आएगी. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में बेटियाँ देवियाँ हैं. धन, शक्ति और बुद्धि बल के लिए हम सभी मातृशक्ति की उपासना करते हैं. इसलिये कोख की जाँच कराकर बेटियों को कत्ल करना पाप है. उन्होंने कहा कि जीवन की अंतिम सांस तक बेटियों को बचाने और बढ़ाने का उन्होंने संकल्प लिया है. उन्होंने महिला सम्मेलन आयोजन की बधाई दी.

मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम में मीना समाज द्वारा प्रकाशित स्मारिका और नवनिर्मित वेबसाइट का विमोचन किया. वेबसाइट पर मीना समाज से संबंधित और बेटी बचाओ अभियान के संबंध में जानकारी दी गई है. कार्यक्रम में मीना समाज के प्रदेश अध्यक्ष  ओमप्रकाश चांदा ने स्वागत उद्बोधन दिया. समाज के पूर्व अध्यक्ष मेहरबान सिंह रावत ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने माँ सरस्वती और भगवान जयमिनेष के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन किया. इस अवसर पर मीना समाज की महिला संगठन की प्रदेशाध्यक्ष ममता मीना, उपाध्यक्ष सुश्री कल्पना मीना, संतोष मीना, मदनलाल रांझी और सूरज प्रकाश मारण सहित बड़ी संख्या में समाज के स्त्री-पुरूष उपस्थित थे.

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