व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन

भोपाल, 27 मार्च. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू किये गये खाद्य मानक अधिनियम 2006 का विस्तृत अध्ययन किया जायेगा. अव्यवहारिक अथवा विसंगति होने पर व्यापारी समुदाय के हित में आवश्यक कदम उठाये जायेंगे.

उन्होंने कहा कि व्यापारियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जायेगी. चौहान आज यहाँ विधानसभा में अपने कक्ष में मिलने आये इंदौर के अनाज, दलहन, तिलहन व्यापारी संगठन और म.प्र. ऑइल मर्चेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि-मंडल से चर्चा कर रहे थे. प्रतिनिधि-मंडल के सदस्यों ने केन्द्र सरकार के अधिनियम के लागू होने से उत्पन्न कठिनाइयों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि इससे छोटे व्यापारियों की परेशानियाँ बढ़ेंगी. भय का वातावरण निर्मित होगा तथा निरीक्षण, परीक्षण के नाम पर व्यापारियों को तंग किया जायेगा. व्यापारियों का कहना था कि केन्द्र सरकार ने यह कानून मल्टी नेशनल कम्पनियों को लाभ देने के लिये बनाया है. यदि यह लागू किया गया तो छोटे से छोटे व्यापारी को पहली अप्रैल से अनिवार्य रूप से लायसेंस लेना पड़ेगा और कोई भी खाद्यान्न खुला नहीं बेचा जा सकेगा. प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश के व्यापारियों के हित में मुख्यमंत्री से प्रदेश में इस कानून के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की. मध्यप्रदेश अनाज, दलहन, तिलहन व्यापारी महासंघ, इंदौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ और मध्यप्रदेश ऑइल मर्चेंट एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे गये.

व्यापारियों के प्रतिनिधि-मंडल ने केन्द्रीय कानून को अव्यावहारिक और तुगलकी बताते हुए कहा कि इसमें लाइसेंस लेने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल है. व्यापारियों से तीन सालों की बैलेंस शीट माँगी जा रही है. नगर पालिकाओं और पर्यावरण विभाग से अनापत्तियाँ माँगी जा रही हैं. इसके क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारी कानूनी प्रावधानों के बजाय अपने विवेक से काम कर रहे हैं. कानून में अधिकारियों को व्यापारियों के दस्तावेज जप्त करने का अधिकार दिया गया है. व्यापारियों से कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस माँगा जा रहा है. इसके अलावा कई अव्यवहारिक परेशानियां व्यापारियों के सामने आई हैं. इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री महेन्द्र हार्डिया, विधायक सुदर्शन गुप्ता और श्री रमेश मेंदोला, अध्यक्ष खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम रमेश शर्मा ‘गुट्टू भैयाÓ एवं व्यापारी संघों के पदाधिकारी उपस्थित थे.

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