सूर्य नमस्कार पर भोपाल में फतवा

भोपाल, 11 जनवरी. मध्यप्रदेश सरकार एक ओर जहां कल हजारों स्कूली विद्यार्थियों को एक साथ ‘सूर्य नमस्कार’ कराकर गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने की तैयारी में है, वहीं मुस्लिम नेताओं ने सूर्य के सामने झुकने को गैर इस्लामिक एवं ‘बुत’ पूजा बताकर इसका विरोध  किया है.

प्रदेश के शीर्ष मौलवियों ने सूर्य नमस्कार के खिलाफ फतवा भी जारी कर दिया है. उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार धीरे और घातक तरीके से प्रदेश में शिक्षा का भगवाकरण कर रही है. उन्होंने सरकार को आगाह किया कि यदि सरकार अपने सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम पर आगे बढ़ेगी तो वे इसके खिलाफ अदालत में दस्तक देंगे.  मुस्लिम नेताओं का कहना है कि इस्लाम हमें किसी तस्वीर या त्रिआयामी वस्तु के सामने झुकने की इजाजत नहीं देता. मुस्लिम नेताओं ने कल यहां ‘कोआर्डिनेशन कमेटी फार इंडियन मुस्लिम यूनिट के तत्वावधान में मुस्लिम विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस गैर इस्लामिक गतिविधि में हिस्सा नहीं लें. भोपाल में तीन शहर मुफ्तियों मोहम्मद अबुल कलाम कासमी, रईस अहमद खान कासमी एवं मुफ्ती सैयद बाबर हुसैन नादवी ने एक फतवा जारी किया, जिसे शहर काजी सैयद मुस्ताक अली नादवी ने अपनी मंजूरी दे दी है. जमात-ए-इस्लामी ने कहा है कि मप्र हाईकोर्ट ने भी अपने 28 अगस्त 2009 के आदेश में कहा है कि सरकार विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार या प्राणायाम करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती तथा किसी संस्थान की मान्यता इसलिए रद्द नहीं कर सकती कि उसके विद्यार्थियों ने इन व्यायामों को करने से इनकार कर दिया.

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