एमपी में भ्रष्टाचारी सरकारी कर्मचारियों की बाढ़, चौंका रहे लोकायुक्त के छापे

 इंदौर/उज्जैन, 17 जनवरी, नवभारत टीम.  लोकायुक्त पुलिस ने मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल के निरीक्षक के घर छापा मारकर 10 करोड़ की संपत्ति का पता लगाया वहीं उज्जैन लोकायुक्त ने उज्जैन में लोक स्वास्थ्य अभियात्रिकी [पीएचई] विभाग के सब-इंजीनियर के दो ठिकानों पर छापा मारकर 15 करोड़ की संपत्ति का खुलासा किया है. दोनों जगह लोकायुक्त की कार्यवाही जारी है. मप्र केसरकारी मुलाजिमों के पास आय से अधिक संपत्ति मिलने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है.

इंदौर में 10 करोड़ का इंस्पेक्टर

इंदौर. आज सुबह इंदौर लोकायुक्त ने मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल के चेयरमेन के पीए और निरीक्षक ब्रजेंद्र कुमार उर्फ ब्रजेश शर्मा के इंदौर निवास पर छापा मारा.

एसपी लोकायुक्त वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में लोकायुक्त दल 247, पराग नगर इंदौर स्थित शर्मा के निवास पर पहुंचा. जहां छानबीन में 10 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हो चुका है. शर्मा के पास पराग नगर स्थित बंगले की कीमत 50 लाख रुपये आंकी गई है. इसके अलावा शर्मा के पास मिले दस्तावेज के आधार पर सुंदर नगर और अभिनंदन नगर में एक-एक बंगला, लोटस पार्क में प्लॉट, भोपाल के कोलार रोड स्थित राजहर्ष कॉलोनी में एक आलीशान बंगला, श्योपुर के लाडपुर में कृषि भूमि, ग्वालियर के महाराजपुरा इलाके में एक प्लॉट का पता चला है. शर्मा के बंगले से एक फीगोफोर्ड कार, दो दुपहिया वाहन, 3 लाख रुपये नकद, 3 लाख के सोने और चादी के जेवरात मिले हैं. इसके अलावा 10 बैंक खातों और एक लॉकर का पता चला है. जिसे लोकायुक्त पुलिस ने सील कर दिया है. शर्मा 1993 में नौकरी पर लगा था, तब उसका वेतन 4 हजार रुपये महीना था. 2009 में प्रमोशन के बाद उसे निरीक्षक बना दिया गया. तब उसका वेतन 16 हजार रुपये महीना हो गया था. अधिकारियों का चहेता होने की वजह से मंडल के चेयरमेन भगवानदास गोंडाने ने उसे अपने निजी सहायक के पद से भी नवाज दिया था.

उज्जैन में 15 करोड़ का सब इंजीनियर

उज्जैन.  लोकायुक्त ने पीएचई के सब-इंजीनियर रमेश कुमार द्विवेदी के घर पर आज सुबह छापा मारा. जिसमें 15 करोड की काली कमाई का पता चला है. द्विवेदी फिलहाल गंभीर नदी परियोजना उज्जैन में सब-इंजीनियर के पद पर पदस्थ है.

द्विवेदी के पास से 50 बीघा जमीन उन्हेल रोड पर, उन्हेल रोड पर ही 26 बीघा एक और जमीन, उज्जैन में दो मकान, इंदौर के अनूप नगर और दीनदयाल नगर में बंगले, 1 डम्पर, 2 ट्रेक्टर ट्रॉली, तीन कार जिसमें स्कोडा जैसी मंहगी गाडी भी शामिल है, तीन दुपहिया वाहन, आधा दर्जन बैंक खाते, 12 लाख का सोना मिला है. 32 साल की नौकरी में द्विवेदी ने शासन से कुल 22 लाख रुपये वेतन पाया और संपत्ति 15 करोड़ की जुटाई है. द्विवेदी के दो दर्जन से ज्यादा शिकायते उसके विभाग और लोकायुक्त के पास पहुंची थीं. पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप के चलते द्विवेदी जाच की प्रक्रिया से गुजर चुका है. द्विवेदी पहले नगर निगम उज्जैन में सब-इंजीनियर के पद पर था लेकिन भ्रष्टाचार के चलते इसे पीएचई में तबादला कर भेज दिया गया. द्विवेदी ने दो साल से अपना वेतन नहीं लिया. लोकायुक्त में घेरे में आने वाली यही सबसे बडी वजह बन गई. लोकायुक्त डीएसपी सागोरिया के मुताबिक द्विवेदी की संपत्तियों की जाच जारी है. संपत्तियों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है.  वहीं आर के द्विवेदी ने कहा कि यह सब उसकी पुश्तैनी जायदाद है. उसका अपना खरीदा हुआ हाउसिंग बोर्ड का एक छोटा सा मकान है.

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