शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार

भोपाल, 14 सितंबर, नभासं. अनूप मिश्रा को फिर राज्य मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया वहीं राज्य मंत्री रंजना बघेल, राजेंद्र शुक्ला एवं पारस जैन को पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है.

राज्यपाल रामनरेश यादव ने आज शाम राजभवन के दरबार हॉल में अनूप मिश्रा, रंजना बघेल, पारस जैन और राजेंद्र शुक्ला को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. दो वर्ष पूर्व एक प्रकरण के चलते अनूप मिश्रा को मंत्रीपद से हटना पड़ा था, तब से कई बार यह अटकलें लगती रहीं कि उन्हें पुन: मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है लेकिन वे आज मंत्री की शपथ ले पाये. रंजना बघेल, पारस जैन और राजेंद्र शुक्ला शिवराज मंत्रिमंडल में स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री थे, उन्हें भी पदोन्नति दी गई है. शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महामत्री अनंत कुमार, राष्टï्रीय महामंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा, विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंशसिंह, पूर्व मुख्यमंत्री सुन्दरलाल पटवा समेत राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक और अधिकारी मौजूद थे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दूसरे कार्यकाल का यह दूसरा विस्तार है.

अनूप मिश्रा को चिकित्सा शिक्षा विभाग

भोपाल, 14 सितंबर, नभासं. अनूप मिश्रा को चिकित्सा शिक्षा विभाग दिया गया है. अभी बाकी मंत्रियों के विभाग यथावत्ï रखे गये हैं. लम्बी चर्चा के बाद रात 8 बजे मुख्यमंत्री चौहान ने नव-नियुक्त मंत्री अनूप मिश्रा को चिकित्सा शिक्षा विभाग सौंपा है. राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) से कैबिनेट मंत्री बनाये गये तीनों मंत्रियों के विभाग यथावत्ï रखे गये हैं. अन्य मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल नहीं हुआ है.

विभागों का वितरण

मंत्रियों के विभागों के वितरण को लेकर मंत्रिमंडल विस्तार के बाद तक चर्चा का दौर जारी रहा.अनंत कुमार के दिल्ली रवाना होने के पहले तक विभागों के फेरबदल में कांट-छांट होती रही. शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री चौहान ने पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में कहा कि विभागों का वितरण आज रात तक कर दिया जायेगा. उन्होंने मंत्रिडल में दो पद खाली रखे जाने के संबंध में कहा कि वे पद अभी खाली रहेंगे.

दिन भर हुई मंत्रणा

राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार एवं मंत्रियों के विभागों के वितरण को लेकर आज दिन भर चर्चा चलती रही. भाजपा के प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महामंत्री अनंत कुमार के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लम्बी चर्चा की. इसके पश्चात् अनंत कुमार, मुख्यमंत्री चौहान, प्रदेशाध्यक्ष प्रभात झा, राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एवं प्रदेश संगठन महामंत्री अरङ्क्षवद मेनन के बीच चर्चा का दौर चला. इस चर्चा में ज्ञानसिंह के नाम पर विचार किया गया, जिस पर अंतिम क्षणों में सहमति नहीं बन सकी. इसी तरह राज्यमंत्री ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक एवं डॉ. कन्हैयालाल अग्रवाल को स्वतंत्र प्रभार दिये जाने पर विचार-विमर्श हुआ.

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