ओडिशा सरकार संकट में

दस दिन में माओवादियों ने की दूसरी वारदात

भुवनेश्वर, 24 मार्च। ओडिशा में 10 दिन पहले दो इतालवी नागरिकों को बंधक बनाए जाने का मसला हल भी नहीं हो पाया कि माओवादियों ने शनिवार तडके कोरापुट जिले से सत्तारूढ बीजद के एक आदिवासी विधायक का अपहरण कर सरकार की परेशानी बढा दी है।

लक्ष्मीपुर के विधायक झीना हिकाका शनिवार सुबह कोरापुट से अपने घर लौट रहे थे कि तोयापुत के समीप करीब 50 सशस्त्र माओवादियों ने एक ट्रक से रास्ता अवरूद्ध कर उनका अपहरण कर लिया।  अपहरण की घटना को लेकर विपक्ष ने राज्य विधानसभा में खूब हंगामा किया। पटनायक ने शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। सदन में दिए गए एक बयान में  मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक किसी भी गुट ने अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम से टेलीफोन पर विधायक के अपहरण और सप्ताह भर पहले दो इतालवी नागरिकों के अपहरण से उत्पन्न हालात के बारे में अवगत कराया।

माओवादी अपह्रत लोगों को रिहा करें: मध्यस्थ- अपहरण मामले में मध्यस्थों ने नक्सलियों से अगवा बीजेडी विधायक और इटली के नागरिकों को रिहा करने की अपील की है। मध्यस्थों  ने कहा है कि उनकी रिहाई के बाद ही बातचीत संभव होगी। लक्ष्मीपुर के विधायक झीना हिकाका के अपहरण के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधक मंत्री एस एन पात्रो और अनुसूचित जाति जनजाति विकास मंत्री लाल बिहारी हिमिरिका को उस इलाके में भेजा है ।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मैंने इस घटना के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम से और मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव से बात की है। अपह्वत विधायक की पत्नी कौशल्या ने अपहरणकर्ताओं से अपने पति को रिहा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनके पति आदिवासियों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। इतालवी बंधक संकट के बारे में पटनायक ने कहा कि इस मुद्दे के हल के लिए बातचीत जारी है। राज्य विधानसभा में विधायक के अपहरण का मामला विपक्ष ने जोरशोर से उठाया। विपक्षी कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने आसन के समक्ष आ कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उस पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की बैठक 12 बज कर तीस मिनट तक स्थगित कर दी गई।

करीब दस दिन पहले माओवादियों ने कंधमाल जिले से 14 मार्च को दो इतालवी नागरिकों का अपहरण कर लिया था। उनकी रिहाई के लिए सरकार के प्रतिनिधियों और माओवादियों द्वारा चुने गए वार्ताकारों के बीच बातचीत चल रही है। माओवादियों की ओर से नियुक्त वार्ताकार बी डी शर्मा और दंडापानी मोहन्ती ने विधायक को तत्काल रिहा करने की अपील की है। माओवादियों ने अपने खिलाफ अभियान रोकने तथा विद्रोही होने के आरोप में जेल में बंद कई लोगों की रिहाई की मांग की है और भारत बंद का आह्वान किया है। पुलिस ने बताया कि जिस स्थान पर विधायक का अपहरण हुआ वहां माओवादियों की मांग और बंद को समर्थन देने की अपील वाले पर्चे भी पाए गए।

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