भुवनेश्वर, 25 मार्च. शनिवार को बीजद के अपहृत विधायक झीना हिक्का को रविवार तक कोई सुराग नहीं मिला है।वहीं खबर है कि नक्सलियों ने इटली के अपहृत दो नागरिकों में से एक क्लॉडियो कोलंजिलो को आजाद कर दिया है।

उड़ीसा के कंधमाल से अपहृत किए गए दो इटली के नागरिकों में से एक क्लॉडियो कोलंजिलो को माओवादियों ने छोड़ दिया है। क्लॉडियो को माओवादियों ने मीडिया कर्मियों के एक समूह को सौंपा है। इटली के दोनों नागरिकों को 10 दिन पहले माओवादियों ने कंधमाल के जंगलों से अगवा कर लिया था। गौरतलब है कि माओवादियों ने तड़के कोरापुट जिले में सत्तारूढ़ बीजद के एक आदिवासी विधायक का अपहरण कर लिया था। इस वजह से उग्रवादियों द्वारा दस दिन पहले बंधक बनाए गए इटली के दो नागरिकों की रिहाई के लिए माओवादियों और अधिकारियों के बीच बातचीत स्थगित हो गई थी। इधर, स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार दोनों इतालवी नागरिकों को रिहा कर दिया है। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

कोरापुट के पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार ने बताया कि करीब 50 हथियारबंद नक्सलियों ने लक्ष्मीपुर के विधायक झीना हिकाका के वाहन को तोयापुट के पास रोका। तोयापुट के पास सड़क खुदी हुई थी और रास्ते को एक ट्रक से बंद कर किया गया था। उन्होंने बताया कि हिकाका के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ: और वाहन चालक से मोबाइल फोन छीनकर दोनों को माओवादियों ने जाने दिया। हिकाका को वे लोग बंदूक का भय दिखा कर अपने साथ ले गए।

माओवादियों ने पोस्टर के जरिए घोषणा की है कि विधायक को तब तक बंधक बना कर रखा जाएगा जब तक सुरक्षा बलों के नक्सल रोधी अभियान को बंद करने की मांग पूरी नहीं की जाती। इस मांग को तब भी स्वीकार किया गया था जब 2011 में मलकानगिरी के जिलाधीकारी को रिहा किया गया था। विधायक के अपहरण पर उग्रवादियों ने एक बयान जारी करके कहा कि हिकाका ने कोरापुट जिला परिषद में अध्यक्ष पद के चुनाव में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि विधायक ने शुक्रवार रात साढ़े दस बजे माओवादियों के एक मध्यस्थ से उपाध्यक्ष के चुनाव के बारे में फोन पर बात की थी।

नवीन पटनायक ने आपात बैठक बुलाई

भुवनेश्वर, 25 मार्च. ओडिशा में माओवादियों द्वारा अगवा एक बीजद विधायक तथा इतालवी पर्यटक के बारे में जानकारी नहीं होने के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आज हालात का जायजा लेने के लिए आला अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की।

उधर, पुलिस और खुफिया विभाग के सूत्रों ने कहा कि कोरापुट जिले के बीजद विधायक के अपहरण तथा पुलिसकर्मियों की हत्या के पीछे माओवादियों की गुटबाजी एक वजह हो सकती है।
बैठक में शामिल हुए मुख्य सचिव बीके पटनायक ने कहा कि सरकार को लक्ष्मीपुर से बीजद विधायक झीना हिकाका की रिहाई के लिए माओवादियों की ओर से अभी तक कोई मांग नहीं की गयी है। हिकाका को कल कोरापुट जिले में तोयापुट के पास अगवा किया गया। उन्होंने कहा कि उग्रवादियों ने इतालवी बंधकों का संकट सुलझाने के लिए बातचीत के लिहाज से मध्यस्थों के नये नाम नहीं बताये हैं। कल दो मध्यस्थों के हटने के बाद बातचीत रुक गयी थी। गृह सचिव यूएन बेहरा और पुलिस महानिदेशक मनमोहन प्रहराज ने भी बैठक में भाग लिया। पुरी में रहने वाले टूर ऑपरेटर पाओलो बासुस्को तथा पर्यटक क्लाडियो कोलानगिलो को 14 मार्च को कंधमाल से अगवा किया गया था। माओवादियों से बातचीत कर रहे मध्यस्थों बीडी शर्मा तथा दंडापानी मोहंती ने हिकाका के अपहरण के बाद मध्यस्थता छोड़ दी जिसके बाद बातचीत बंद हो गयी।

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