लगातार समीक्षा होनी जरूरी : पीएम

नई दिल्ली,14 जुलाई, नससे. केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी रोजगार योजना मनरेगा के छह साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस पर रिपोर्ट जारी करते हुए इस योजना को यूपीए सरकार की सबसे सफल योजना करार दिया है. उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने इस योजना को कारगर बनाने में अहम योगदान दिया है. हालांकि प्रधानमंत्री ने मनरेगा योजना की समीक्षा करने की सलाह भी दी है.

श्री सिंह ने कहा कि मनरेगा यूपीए सरकार की सबसे सफल योजना रही है. इसके तहत 1० करोड़ लोगों का खाता बैंकों व पोस्ट ऑफिसों में खोला गया है और लगभग 81 प्रतिशत लोगों को बैंको के जरिए भुगतान किया जा रहा है. इसके साथ ही 12 करोड़ लोगों को जॉब कार्ड प्रदान किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि मनरेगा के फायदों की लगातार समीक्षा होनी जरूरी है जो कि फिलहाल नहीं हो रही है. उन्होंने योजना आयोग के उ

पाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया को निर्देश दिया कि मनरेगा की लगातार समीक्षा की जाए. श्री सिंह ने श्री रमेश को बधाई देते हुए कहा कि उनके द्वारा उठाए गए प्रभावी कदमों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है.यह योजना देश के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को रोजगार से जोडऩे में कारगर साबित हो रही है.

प्रगति से प्रधानमंत्री असंतुष्ट
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने  इस दौरान भुगतान में हो रही देरी पर चिंता जताई.  प्रधानमंत्री इसके कार्यान्वयन में होने वाली सुस्ती से असंतुष्ट दिखे. उन्होंने कहा कि इस योजना की सफलता की कहानी कुछ और जबकि हकीकत कुछ और. सरकार की सबसे सफलतम कल्याणकारी योजनाओं में से एक मनरेगा में अभी तक 1, 200 करोड़ लोगों को रोजगार देने के क्रम में 11, 0000 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने उन्हें बताया कि यह कार्यक्रम अच्छी स्थिति में नहीं है तो उन्हें बड़ा आश्चर्य हुआ. उन्होंने रमेश द्वारा उठाई गई अनियमितताओं को दूर करने के लिए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया को निर्देश दिया. जयराम रमेश तथा मोंटेक सिंह दोनों ही वहां उपस्थित थे.

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