अहमदाबाद, 22 मई.  आदिवासी एवं देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र के पहले राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में उड़ीसा व तमिलनाडु मुख्यमंत्री से मिले समर्थन से उत्साहित एनसीपी नेता पी ए संगमा ने गुजरात के मुख्यमंत्री को फोन करके उनका साथ मांगा है. मोदी ने उनकी इस बात को आलाकमान तक पहुंचाने का भरोसा दिया है.

रांकापा नेता संगमा के समर्थन में दो मुख्यमंत्रियों के समर्थन में आ जाने से कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बाद वे भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. संगमा ने मोदी से आदिवासी एवं पूर्वोत्तर के नेता के रूप में समर्थन मांगा है. बताया जा रहा है कि मोदी ने इस मुद्दे पर केंद्रीय नेताओं से बात करने का भरोसा दिलाया है. संभवत: मोदी मुंबई में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस बात को उठा सकते हैं. यहां यह बात उल्लेखनीय है कि उन्होंने संगमा को सीधे सहयोग का कोई भरोसा नहीं दिया है. लेकिन महत्वपूर्ण यह भी है कि जयललिता से मोदी के मधुर संबंध संगमा के लिए लाभकारी हो सकते हैं.

संगमा की राजनीतिक दलों से अपील

नई दिल्ली. राष्ट्रपति पद के लिए बीजद और अन्नाद्रमुक का समर्थन मिलने से उत्साहित राकांपा के नेता और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि अन्य राजनीतिक दल भी देश की आदिवासी जनता की आत्मा की आवाज का जवाब देंगे.

संगमा ने कुछ आदिवासी सांसदों के साथ बीजद प्रमुख और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात की. संगमा का दावा है कि उन्हें उन तमाम पार्टियों के आदिवासी नेताओं का समर्थन हासिल है, जो राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर एक आदिवासी नेता के नाम पर सहमति बनाने के लिए संघर्ष कर रही हैं. उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हमें उम्मीद है कि यूपीए और राजग सहित अन्य राजनीतिक दल भी देश की आदिवासी जनता की आत्मा की आवाज का जवाब देंगे और आगामी राष्ट्रपति चुनाव में हमारा समर्थन करेंगे. इस मौके पर संगमा के साथ मौजूद नवीन पटनायक से पूछा गया कि क्या वह संगमा के लिए समर्थन जुटाने के लिए अन्य राजनीतिक दलों के संपर्क में हैं, तो उन्होंने कहा कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष को समर्थन देने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाना उनका दायित्व है.

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि मेरी सहयोगी तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और मेरा निश्चित रूप से यह दायित्व है, हम अपने बहुत से सहयोगियों से इस बारे में बात करेंगे. यह हमारा दायित्व है कि हम देश के राजनीतिक दलों को [संगमा का समर्थन करने के लिए] एकत्र करें, हमें बहुत उत्साहवर्धक जवाब मिला है. मुझे उम्मीद है कि तमिलनाडु में मेरी सहयोगी की भी यही राय होगी. पटनायक और जयललिता 17 मई को यह ऐलान कर चुके हैं कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए वह संगमा के नाम का समर्थन करेंगे. इससे राष्ट्रपति पद की होड़ में एक नया पहलू जुड़ गया है.

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