भोपाल,26 जून, नर्मदा घाटी में चल रही विभिन्न बांध और नहर परियोजनाओं के कार्य पहले की तरह अब वर्षा काल में बंद नहीं रखे जायेंगे. वर्षा की विशेष स्थिति को छोड़कर सभी कार्य निरंतर जारी रखते हुए सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य का का कार्य जारी रहेगा.

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और प्रमुख सचिव श्री रजनीश वैश ने इस बारे में सभी मुख्य अभियन्ताओं को कार्यों की निरंतरता बनाये रखने के निर्देश दिये हैं. उपाध्यक्ष ने कहा है कि वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही – जुलाई से सितम्बर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये मैदानी इंजीनियर और संबंधित निर्माण एजेन्सी पूरी तरह मुस्तैद रहे. कार्य परिणाम न आने को गम्भीरता से लिया जाये. वैश ने अधिकारियों के साथ नर्मदा घाटी की प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए राघवपुर, रोसरा, बसानिया परियोजनाओं के वन तथा पर्यावरण अनुमति संबंधी मामलों पर तेजी से कार्यवाही के निर्देश दिये. जिन परियोजना कमाण्ड क्षेत्रों में आगामी रबी में सिंचाई आरम्भ की जायेगी उन क्षेत्रों में किसानों की जल उपभोक्ता संथाओं के शेष निर्वाचन का कार्य शीघ्र पूरा करने तथा कमाण्ड क्षेत्र विकास कार्योंं में गति लाने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिये.

समीक्षा में रानी अवंती बाई सागर और बरगी व्यपवर्तन परियोजनाओं की नहरों के कार्य की समीक्षा भी की गई. उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि आगामी रबी सीजन में रानी अवंती बाई सागर परियोजना की मुख्य और वितरण नहरों में पूरी क्षमता से जल प्रवाह करने की सभी तैयारियाँ आरम्भ करें. संबंधित अधिकारी कमाण्ड क्षेत्र में किसानों को सिंचाई लेने के लिये प्रेरित और उत्साहित करने के उद्देश्य से सघन भ्रमण भी करें. वैश ने बताया कि माह अप्रैल – मई 2012 में इंदिरा सागर जल विद्युत परियोजना से 345.55 मिलियन यूनिट, ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना से 163.44 तथा अंतर्राज्यीय सरदार सरोवर परियोजना से प्रदेश को 57 प्रतिशत अंश के रूप में 231.408 मिलियन यूनिट बिजली प्राप्त हुई. तीनों परियोजना से मध्यप्रदेश को दो माह में प्राप्त बिजली का मूल्य 139.09 करोड़ रूपये है.

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