अब टीम इंडिया के बल्लेबाजों की बारी

मुंबई,23 नवबर. डेरेन ब्रावो के लगातार दूसरे शतक की मदद से वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ तीसरे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन चायकाल तक चार विकेट पर 494 रन बना लिए हैं. भारत को लंच के बाद महज एक विकेट मिला. ओझा ने काइरेन पावेल को 81 रनों पर पवेलियन भेजा.

कोलकाता में दूसरे टेस्ट मैच में 136 रन बनाने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज ब्रावो अब भी 156 रन बनाकर क्रीज पर हैं. उन्होंने अब तक 265 गेंदों का सामना करते हुए 16 चौके लगाए हैं. यह ब्रावो का पिछले चार मैच में तीसरा शतक है. चायकाल के समय उनके साथ दूसरे छोर पर मार्लोन सैमुअल्स 18 रन पर खेल रहे थे. वेस्टइंडीज ने पहले सत्र में 30 ओवर में 111 रन जोड़े और इस बीच किर्क एडवर्ड्स (86) का विकेट गंवाया. एडवर्ड्स ने अपने पहले दिन के स्कोर में 21 रन और जोड़े. उन्होंने तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेटकीपर महेंद्र सिंह धौनी को कैच थमाया. पहले घंटे का खेल समाप्त होने से कुछ देर पहले आउट होने वाले एडवर्ड्स ने 165 गेंद खेली तथा 13 चौके लगाए. उन्होंने ब्रावो के साथ 164 रन की साझेदारी की. इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे पावेल ने भी भारतीय गेंदबाजों को परेशान करते हुए 81 रनों की पारी खेली. ओझा ने पावेल का विकेट लिया. कैरेबियाई टीम ने सुबह दो विकेट पर 267 रन से आगे खेलना शुरू किया, एडवर्ड्स और ब्रावो ने ईशांत और अपना पहला मैच खेल रहे वरुण आरोन का आसानी से सामना किया. आरोन अपनी गेंदबाजी पर नियंत्रण नहीं रख पाए और दोनों बल्लेबाजों विशेषकर ब्रावो ने उन्हें इसका कड़ा सबक सिखाया. उन्होंने इस गेंदबाज की दिन की पहली दो गेंद को चार रन के लिए भेजा.

आरोन ने धीमे विकेट पर शार्ट पिच गेंद कराने की कोशिश की लेकिन ब्रावो ने उन्हें आसानी से पुल करके सीमा रेखा पर भेजा. धौनी ने सातवें ओवर में ईशांत की जगह बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा को गेंद सौंपी. उन्हें कुछ टर्न मिल रहा था और बल्लेबाजों ने उनके सामने सतर्कता बरती. लेकिन दूसरे छोर से आरोन रन दे रहे थे और इसलिए उनके स्थान पर ईशांत को लगा दिया गया. ईशांत ने अपनी तेजी, मूवमेंट और शार्ट पिच गेंदों से एडवर्ड्स की कड़ी परीक्षा ली और आखिर में मूव करती गेंद इस बल्लेबाज के बल्ले का किनारा लेकर धौनी के दस्तानों में समा गई. पहले दिन दोनों विकेट लेने वाले आफ स्पिनर आर अश्विन को जब आक्रमण पर लगाया गया तो ब्रावो ने अपने कदमों का खूबसूरती से इस्तेमाल करके चौके से उनका स्वागत किया. लेकिन चोटिल शिवनारायण चंद्रपाल की जगह टीम में लिए गए पावेल ने अधिक आक्रामक तेवर अपनाए. बाएं हाथ के बल्लेबाज पावेल का अश्विन की गेंद पर विकेट के पीछे मुश्किल कैच भी छूटा. बाद में ईशांत ने उनके लिए शार्ट पिच गेंद की लेकिन जैसे ही उन्हें ढीली गेंद मिली उन्होंने उसे चार रन के लिए भेज दिया. ब्रावो ने अश्विन की गेंद पर स्क्वायर लेग पर चौका जड़कर अपना तीसरा टेस्ट शतक पूरा किया. इसके लिए उन्होंने 153 गेंद खेली.

टाप पांच बल्लेबाजों के पचासे का रिकार्ड- वेस्टइंडीज के चोटी के पांच बल्लेबाजों ने भारत के खिलाफ तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच की पहली पारी में कम से कम 50 रन जरूर बनाए. टेस्ट क्रिकेट में यह 20वां अवसर है जबकि किसी टीम के चोटी के पांच बल्लेबाज कम से कम अर्धशतक बनाने में सफल रहे हों. वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने हालांकि पहली बार यह उपलब्धि हासिल की है, जबकि भारत के खिलाफ छठी बार किसी टीम ने यह कारनामा किया.

संयोग से पिछले तीनों अवसर पर भारत के खिलाफ ही किसी टीम के चोटी के बल्लेबाज कम से कम अर्धशतकीय पारियां खेलने में सफल रहे थे. वेस्टइंडीज की तरफ से एड्रियन बराथ (62), क्रेग ब्राथवेट (68), किर्क एडवर्ड्स (86) के अलावा शतकवीर डेरेन ब्रावो और काइरेन पावेल (81) ने भी 50 से अधिक रन की पारियां खेली. इस तरह से कैरेबियाई टीम पहली बार इस रिकार्ड में अपना नाम लिखवाने में सफल रही. आस्ट्रेलियाई टीम अब तक पांच बार जबकि इंग्लैंड और पाकिस्तान चार-चार, भारत तीन तथा न्यूजीलैंड, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका एक-एक बार यह कारनामा कर चुके हैं. श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका ने पिछले साल भारत के खिलाफ ही क्रम से कोलंबो और सेंचुरियन में यह उपलब्धि हासिल की थी.

टेस्ट क्रिकेट में वैसे अब तक एक अवसर पर चोटी के सात बल्लेबाज जबकि तीन अन्य अवसरों पर शीर्ष क्रम के छह बल्लेबाजों ने पारी में कम से कम अर्धशतकीय पारियां जरूर खेली. पाकिस्तान के चोटी के सात बल्लेबाजों ने फरवरी 2006 में भारत के खिलाफ कराची में दूसरी पारी में 50 से अधिक रन बनाए थे जो कि अब भी रिकार्ड है. पाकिस्तान के चोटी के छह बल्लेबाजों ने भी एक बार 50 से अधिक रन की पारियां खेली थी. भारत और इंग्लैंड की टीमें भी एक-एक अवसर पर ऐसा कर चुकी हैं. भारत के शीर्ष क्रम के छह बल्लेबाजों वीवीएस लक्ष्मण, नवजोत सिद्धू, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, मोहम्मद अजहरुद्दीन और सौरव गांगुली ने 1998 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ ईडन गार्डन्स में कम से कम अर्धशतकीय पारियां खेली थीं. वेस्टइंडीज की तरफ से तीन शतकीय साझेदारियां निभाई गई हैं. टेस्ट क्रिकेट में अब तक आठ अवसरों पर किसी एक पारी में चार-चार शतकीय साझेदारियां निभाने का रिकार्ड है. इस बीच ब्रावो ने अपनी इस पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 1000 रन भी पूरे किए. यह उनका 13वां टेस्ट मैच है और वह अब तक तीन शतक और छह अर्धशतक जड़ चुके हैं.

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