सौन्दर्यीकरण एवं विकास कार्य होगी प्राथमिकता

भोपाल, 29 मार्च, नभासं. नगर निगम की परिषद बैठक गुरुवार को महापौर कृष्णा गौर ने बजट पेश करते हुये शहर के विकास की योजना सहित अन्य परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुये एक घंटे के भाषण के अंत में वर्ष 2012-13 के बजट में 92 करोड़ 7 लाख 83 हजार बजट घाटा परिलक्षित बताया.

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस निर्वाचित निगम का तीसरा बजट प्रस्तुत करते हुये सभी का स्वागत करती हूं. दो वर्ष पूर्व भोपाल के विकास हेतु जो कार्य प्रारंभ किये गये थे वह अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं. साथ ही 19 लाख जनसंख्या की अपेक्षाओं पर खरे उतरने का आगे हमारा प्रयास रहेगा. मेरा ध्येय है कि न केवल भोपाल सुंदर भोपाल हो बल्कि ग्लोबल सिटी बने. हमने पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य, यातायात, सौन्दर्यीकरण पर उल्लेखनीय काम किया है. एडीबी परियोजना का कार्य पूर्णता के समीप है. वहीं परियोजना उदय के तहत जलप्रदाय के 11 पैकेज एवं सीवेज से संबंधित 7 पैकेज हैं. 7 जलशोधन संयंत्रों का सुधार किया और 28 फिल्टर बेड में मीडिया बदलने का कार्य पूर्ण किया. जल वितरण व्यवस्था के तहत करीब 229.22 कि.मी. पाइप लाइन बिछाई गई. महापौर ने बताया कि अब तक लगभग 23384 घरेलू कनेक्शन की नई लाइन शिफ्ट की जा चुकी है. अभी तक करीब 118.40 कि.मी. सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है.

कोलुआ गांव में एक सीवेज पंङ्क्षपग स्टेशन का निर्माण कार्य प्रगति पर है. आगामी वित्त वर्ष में जलप्रदाय हेतु लगभग 539.40 कि.मी. लंबी पाइप लाइनें बिछाई जाना प्रस्तावित हैं, जिसकी लागत करीब 90.82 करोड़ अनुमानित है. भोपाल को अब प्रतिदिन 185 एमएलडी पानी मिलेगा और इसके लिये 75 कि.मी. की पाइप लाइन बिछाई गई है. गैस प्रभावित जीवन ज्योति कॉलोनी 11986 मीटर लाइन बिछाई जाना है. वर्ष 2011-12 में करीब 100 नलकूपों का उत्खनन कराया. नलकूपों की सफाई हेतु करीब 2 करोड़ रुपये व्यय किये हैं. प्रयोग के नजरिये से होशंगाबाद रोड के आसपास की बस्तियों में नर्मदा जल की आपूर्ति शुरू की है. जल संकट से निपटने हेतु 75 नये ट्ïयूबवेल उत्खनन करने की तैयारी है. इसके अलावा एचडीपीई की टंकियों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है. उन्होंने बताया कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं रैक विकर्स के विकास हेतु इस बजट में 45 लाख रुपये की राशि का प्रावधान किया है. वहीं गैस राहत वार्डों में 500 कंटेनर एवं शेष वार्डों में 200 कंटेनर कचरा निष्पादन हेतु रखवाये हैं.

आदमपुर छावनी में नई खंती वैज्ञानिक तरीके से पर्यावरण के अनुकूल विकसित करने के लिये कटिबद्घ है. शहर का वातावरण स्वच्छ बनाने हेतु 1 अप्रैल से स्पॉट फाईन व्यवस्था लागू कर दी जायेगी. वर्ष 2011-12 में 520 वाहन निगम के बेड़े में शामिल किये हैं जिसमें 84 वाटर टैंकर, 11 बेक वे मशीन, 4 स्कीड स्टीयर मशीन, 11 हाइड्रोलिक प्लेटफार्म, 27 रिफ्यूज काम्पेक्टर मशीन, 14 डम्पर प्लेटर, 40 डम्पर, वायबेटरी रोलर, 4 पोकलेन मशीन एवं बुलडोजर वाहन शामिल हैं. उन्होंने बताया कि राजस्व वसूली एवं नियंत्रण हेतु इस वर्ष निगम द्वारा प्रत्येक जोनल अधिकारियों को मैंने कार प्रदान की है. साइकिल रिक्शा क्रय करने हेतु 10 लाख रुपये, जेसीबी एवं रोड रोलर क्रय हेतु 60 लाख रुपये का प्रावधान बजट में किया है. 300 बड़े वाहनों में जीबीएस आधारित व्हीकल ट्रेङ्क्षकग सिस्टम लगाये गये हैं. वहीं बैरागढ़ एवं आनंद नगर सब्जी मंडी का निर्माण जारी है जिसमें क्रमश: 75 लाख एवं 50 लाख की राशि व्यय होगी. इस वर्ष 3 करोड़ की राशि खेल मैदानों व पार्कों के विकास हेतु व्यय की जा रही है. महापौर गौर ने बताया कि शहर के विकास के लिये 400 लाख का प्रावधान किया है.

प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिये एक-एक करोड़ की राशि व्यय करने की योजना है. फुट ओवर ब्रिज बनाने हेतु बजट में 5 करोड़ राशि का प्रावधान है. ओवर एवं आरओबी के निर्माण हेतु 20 करोड़ राशि का प्रावधान किया है. 25 योजनाओं की स्वीकृत लागत राशि 1451.46 करोड़ है, जिसमें से शहरी गरीबों को आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की 10 परियोजनाओं के लिये 260.39 करोड़, स्मल एंड पुअर लोकेसिटी एरिया डेवलपमेंट स्कीम की 2 परियोजनाओं के लिये 80.61 करोड़ यूआईजी की परियोजनाओं के लिये 1109.96 लाख रु. एवं 5 सामुदायिक सहभागिता निधि की योजना हेतु 49.46 लाख स्वीकृत किये गये हैं. आगामी वित्तीय वर्ष में 100 और नवीन लो फ्लोर बस को पीपीपी मोड के अंतर्गत अन्य मार्गों में चलायेंगे. गरीबों को अब तक 5062 आवास बनाने का काम पूरा हो गया है. बाकी 7048 आवास बनाने हैं. उन्होंने बताया कि निगम के सभी कार्यालयों को कम्प्यूटर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है. इस सिस्टम के तहत सम्पत्तिकर, जलप्रभार, अन्य करों का भुगतान, भवन अनुज्ञा, लेखा प्रणाली, खरीदी प्रक्रिया, नगर निगम के वाहनों का क्लीट मैनेजमेंट, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, शिकायतों का निराकरण आदि सेवाएं कम्प्यूटरीकृत हो जायेंगी.

हॉकर्स कार्नर बनाने हेतु 60 लाख राशि का प्रावधान किया है. श्मशान एवं कब्रिस्तान के विकास हेतु 50-50 लाख का प्रावधान किया है. इस वर्ष नाला-नाली संबंधी कार्य के लिये 1 करोड़ राशि का प्रावधान किया है. व्हीआईपी रोड पर सेंट्रल वर्ज में सीसी कार्य कराया गया. साथ ही पार्किंग स्थल विकसित किया गया है. मोतिया तालाब से धोबीघाट को शिफ्ट करने हेतु 50 लाख का प्रावधान शासन अनुदान के अंतर्गत रखा है. शहर के सौन्दर्यीकरण के लिये मेन रोड 1 और 2 में विकास के काम पूर्ण हुये. वहीं जे.के. रोड का भी सौन्दर्यीकरण किया गया है. आदर्श मार्ग विकास हेतु 3 करोड़ राशि का प्रावधान किया है. राजभवन से नई विधानसभा मार्ग के सौन्दर्यीकरण हेतु 50 लाख एवं 10 नंबर मार्केट के सौन्दर्यीकरण एवं फाउंटेन की स्थापना के लिये 20 लाख रुपये का प्रावधान किया है. अब तक 521 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जा चुका है. वहीं 28 दैनिक वेतनभोगी के संबंध में कार्यवाही जारी है. शहर में 11 स्थानों पर नये रैन बसेरा भवन बनाये जा रहे हैं. रामरोटी योजना हेतु 30 लाख का प्रावधान किया गया है. पिछले एक वर्ष में 1070 जोड़ों का सामूहिक विवाह संबंध कराकर उपहार सामग्री वितरण की गई है.

29 जनवरी को अंत्योदय मेला में करीब 25 हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया. निगम रेस्ट हाउस परिषद हॉल बनाने के लिये उपयुक्त स्थान नहीं है इसलिये कंसल्टेंट नियुक्त करने हेतु विज्ञापन प्रकाशित करा दिया है. इस वर्ष परिषद हॉल बनाने के लिये 1 करोड़ राशि का प्रावधान किया है. उन्होंने बताया कि विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों के साथ मीटर रीङ्क्षडग कराई, अनुपयोगी कनेक्शनों को बंद कराया साथ ही विद्युत मांग के अनुसार कनेक्शनों का युक्तियुक्तकरण किया. इस काम से 40 लाख रु. प्रतिमाह की बचत हुई. नवीन दुकानों के निर्माण हेतु बजट में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है. आगामी वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिये प्रस्तावित बजट में कुल आय 1166 करोड़ 19 लाख 73 हजार तथा व्यय 1235 करोड़ 80 लाख 12 हजार की राशि अनुमानित की गई है. वहीं राजस्व आय का 5 प्रतिशत सुरक्षा निधि 22 करोड़ 47 लाख 44 हजार रखने पर प्रस्तुत बजट 92 करोड़ 7 लाख 83 हजार का घाटा परिलक्षित होता. बजट घाटे का मुख्य कारण बताते हुये महापौर कृष्णा गौर ने कहा कि सेवाओं के प्रति भुगतान की दरों में बढ़ोतरी, दैनिक वेतनभोगी एवं अस्थायी कर्मचारियों के पारितोषक में बढ़ोतरी, छठवां वेतनमान जैसे अनिवार्य स्थापना व्यय तथा सामग्री के बाजार मूल्य में बढ़ोत्तरी आदि शामिल है.

प्रश्नकाल के दौरान परिषद के सदस्यों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर भी दिये गये. प्रश्नकाल के दौरान शहर में मोबाइल टॉवर के संबंध में प्रश्न पूछे जाने पर परिषद अध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने प्रश्नकाल के उपरांत इस विषय पर विशेष रूप से चर्चा कराने की व्यवस्था दी तथा चर्चा के उपरांत शहर में लगे मोबाइल टॉवर की स्थिति, अवैध टॉवर के संबंध में कार्यवाही एवं शुल्क आदि के संबंध में एक समिति का गठन करने की व्यवस्था अध्यक्ष मिश्रा ने आसंदी से दी. इस समिति में महापौर कृष्णा गौर, महापौर परिषद के सदस्य विष्णु राठौर, पार्षद अजीज उद्दीन व प्रवीण सक्सेना को रखा गया है जबकि निगम आयुक्त इस समिति के सचिव होंगे. समिति से इस संबंध में प्रतिवेदन परिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत करने एवं इस संबंध में परिषद द्वारा निर्णय लिये जाने तक नवीन टॉवर्स लगाने की अनुमति न देने के संबंध में व्यवस्था दी.

घाटे के कारण

 

  • सेवा की प्रति भुगतान की दरों में बढ़ोत्तरी
  • दैनिक वेतनभोगी एवं अस्थायी कर्मचारियों के पुरिश्रमिक में बढ़ोत्तरी
  • छठवां वेतनमान स्थापना व्यय तथा सामग्री बाजार मूल्य में वृद्घि
  •  ऋण पर ब्याज तथा उसका पुनर्भुगतान

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