लखनऊ, 19 अप्रैल. भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने उत्तर प्रदेश सरकार को मुस्लिम तुष्टिकरण नीति से विरत रहने की सलाह देते हुए कहा है कि इस नीति से हिन्दुओं और मुसलमानो के बीच द्वेष बढ़ सकता है.

उमा भारती ने प्रदेश सरकार द्वारा आतंकवाद की घटनाओं में हुई गिरफ्तारियों की समीक्षा के बारे में  कहा मुस्लिम तुष्टीकरण नहीं होना चाहिए, इससे हिन्दुओं के मन में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है और मुसलमानों के लिए भी समस्याएं पैदा हो सकती है, जिनका कि देश में अच्छा सम्मान है. कोई ऐसा काम नहीं होना चाहिए जिससे भारत में मुसलमानों को लेकर अविश्वास और विद्वेष का भाव पैदा हो.

विधानसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद बातचीत में उमा भारती ने मुस्लिम लड़कियों को दसवीं पास करने पर तीस हजार रुपये दिए जाने की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को धार्मिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा ने विधानसभा चुनाव में पार्टी की पराजय के कारणों पर बातचीत करने से इंकार करते हुए कहा कि पार्टी में इस विषय पर काफी चर्चा और विचार विमर्श हो चुका है और यूपी चुनाव में उनकी भूमिका एक सतर्क सिपाही की थी. उमा ने कहा कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव की काउंटिंग के दिन से ही प्रदेश में ऐसी घटनाएं लगातार हो रही है, जिससे अव्यवस्था का वातावरण बनता जा रहा है.

उमा ने आगे कहा कि इस मुद्दे पर यूपी सरकार को ज्यादा कुछ करना भी नहीं है. यहां तक कि पुलिस की भी मदद की जरूरत नहीं है. सरकार को सिर्फ अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं को कंट्रोल में रखना है. उमा ने यह भी कहा कि पूर्ण बहुमत की सरकार से अपराधियों के मन में भय पैदा होना चाहिए. मगर दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि प्रदेश में हो रही अधिकांश आपराधिक घटनाओं में सत्तारुढ पार्टी के कार्यकर्ताओं की भूमिका प्रमुख रही है.

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