• विम्बलडन टेनिस

लंदन, 29 जून. विश्व के नंबर दो खिलाडी और फ्रेच ओपन चैंपियन स्पेन के राफेल नडाल ग्रैंड स्लेम टेनिस के इतिहास में एक बडे उलटफेर में चेक गणराज्य के एक अनजान खिलाडी लुकास रोसोल के हाथों गुरूवार को दूसरे रांउड में पांच सेटों के मैराथन संघर्ष में 7-6, 4-6, 4-6, 6-2, 4-6 से हार कर विम्बलडन टेनिस चैंपियनशिप से हार कर बाहर हो गये.

ग्रैंड स्लेम टेनिस में पिछले एक दशक से अधिक समय में सभी ग्रैंड स्लेम सेमीफाइनल तीन दिग्गजों सर्बिया के नोवाक जोकोविच, स्पेन के नडाल और स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर के बीच सिमट कर रह जाते थे लेकिन इस बार नडाल को दूसरे रांउड में विश्व के 100वें नंबर के खिलाडी रोसोल से सनसनीखेज पराजय का सामना करना पडा. खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे और दूसरी वरीयता प्राप्त नडाल पिछले पांच मौकों पर विम्बलडन के फाइनल में पहुंचे थे और उन्होंने दो बार खिताब जीता था लेकिन रोसोल ने अपनी जिंदगी का सबसे बेहतरीन मैच खेलते हुए ग्रैंड स्लेम इतिहास का सबसे बडा उलटफेर कर डाला. यह मैच रोशनी कम हो जाने के कारण सेंटर कोर्ट पर बंद छत के नीचे समाप्त हुआ.

नडाल ने मैच के बाद कहा कि पांचवें और निर्णायक सेट में रोसोल ने अविश्वसनीय खेल दिखाया. पहले तीन सेट तो मैं बिल्कुल भी अच्छा नहीं खेला. मेरे लिए सेंटर कोर्ट की छत बंद कराने का फैसला अच्छा नहीं रहा लेकिन मुझे यह स्वीकार करना पडा और रोसोल ने पांचवें सेट में हैरतअंगेज खेल दिखाया. अपनी जीत से भावुक नजर आ रहे रोसोल ने कहा मेरे पास अपनी खुशी को बयां करने क शब्द नहीं है. मैं तो यकीन ही नहीं कर पा रहा हूं कि मैंने नडाल को हरा दिया है. मेरे लिए यह सपना सच होने जैसा है. मुझे इस तरह के परिणाम की कोई उम्मीद नहीं थी. मैं तो बस तीन अच्छे सेट खेलने की उम्मीद के साथ कोर्ट पर उतरा था. मुझे नडाल के लिए अफसोस है लेकिन यह मेरा अब तक का सर्वश्रेष्ठ मैच है. नडाल के लिए 2005 में विम्बलडन के दूसरे रांउड में जाइल्स म्यूलर के हाथों हारने के बाद यह पहला मौका है जब वह किसी ग्रैंड स्लेम के तीसरे रांउड से पहले बाहर हो गये हैं. मैच में 2-2 की बराबरी के बाद टूर्नामेंट अधिकारियों ने मैच को बंद छत के नीचे पूरा कराने का फैसला किया. रोसोल ने अपनी लय नहीं छोडी.

और लगातार आक्रामक शाट खेलते हुए नडाल को हतप्रभ कर दिया. नडाल ने पहले सेट का टाईब्रेक 11-9 से जीता था और यह उम्मीद की जा रही थी कि वह आसानी से यह मुकाबला जीत जायेंगे लेकिन रोसोल ने दूसरे सेट के पहले गेम में नडाल की सर्विस तोडी और कोर्ट में चारों तरफ से विनर्स झोंकते हुए दो बार के चैंपियन को असहाय कर दिया. रोसोल ने दूसरा और तीसरा सेट 6-4, 6-4 से जीता. नडाल ने चौथे सेट में जोर लगाया और इसे 6-2 से जीतकर मैच में 2-2 की बराबरी कर ली. निर्णायक सेट में दोनों खिलाडी आधे घंटे बाद खेलने उतरे और रोसोल ने पहले ही गेम में नडाल की सर्विस तोडकर अपने इरादे जाहिर कर दिये. 26 वर्षीय चेक खिलाडी ने जोरदार सर्विस शानदार विनर्स और बेहतरीन एस लगाते हुए पांचवा सेट जीतकर अपने करियर की सबसे बडी जीत हासिल कर ली. अपना पदार्पण विम्बलडन खेल रहे रोसोल का तीसरे दौर में जर्मनी के फिलिप कोलश्रेबर के साथ मुकाबला होगा.

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