एक डीपी से होंगे 25 कनेक्शन, पहले संदिग्ध इलाकों में होंगे स्थापित

शाजापुर, 21 अक्टूबर. बड़े बकायादार और बिजली चोरों से निपटने के लिए विद्युत वितरण कंपनी अब नैनो ट्रांसफार्मर का सहारा लेगी. छोटे-छोटे ट्रांसफार्मर लगाने से बिजली चोरी की सटीक जानकारी मिल जाएगी और कार्रवाई करने में आसानी रहेगी. फिलहाल शहर में इस तरह के 21 ट्रांसफार्मर लगाने की मंजूरी मिली है जो अधिक चोरी वाले इलाकों में प्राथमिकता के लगाए जाएंगे.

लोग बिजली चोरी करना बंद नहीं कर रहे और विद्युत वितरण कंपनी भी इसे रोकने पर आमादा है. पहले शहर के मीटर घरों के बाहर लगाना शुरू किए तो केबल भी डाली गई. जिससे बिजली का लॉस 60 प्रतिशत से घट कर 50 से नीचे आ गया. लेकिन अभी भी शहर में कई लोग बिजली चोरी कर रहे हैं. जिसमें कई संभ्रांत कहलाने वाले भी हैं, जो चोरी तो करते ही हैं बिल भी बकाया रखते हैं. लेकिन अब बिजली चोरों और बिकायादारों पर नकेल कसने के लिए विद्युत कंपनी हाई वोल्टेज डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम अपना रही है.

जिसके तहत शहर के विभिन्न इलाकों में कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे. 16 से 25 केवी तक क्षमता वाले इन ट्रांसफार्मर से 25 लोगों के ही कनेक्शन किए जा सकेंगे. साथ ही ट्रांसफार्मर पर लगे मीटर से सप्लाय की जाने वाली बिजली और खपत की जानकारी लग सकेगी. जिससे बिजली अधिकारियों को उक्त क्षेत्र में हुई बिजली चोरी का पता जल्द ही चल जाएगा और कंपनी कार्रवाई सटीक तरीके से कर सकेगी.

फिलहाल 21 की मंजूरी मिली- डीई केसी लाखे ने बताया कि हाई वोल्टेज डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से शहर में बिजली चोरी और बकाया वसूली में बहुत सहायता मिलेगी. श्री लाखे के अनुसार फिलहाल शहर में 21 ट्रांसफार्मर लगाने की मंजूरी मिली है, जिसकी शुरूआत अधिक बिजली चोरी वाले इलाकों से की जाएगी. उन्होंने बताया कि एचवीडीएस लागू होने के बाद बकायादारों के कनेक्शन विच्छेद करने में भी आसानी रहेगी और चोरी भी आसानी से पकड़ी जा सकेगी.

विद्युत कर्मचारियों को बनाया बंधक
रतलाम. अघोषित कटौती से परेशान ग्राम सेमलिया की महिलाओं के सब्र का बांध शुक्रवार की सुबह टूट गया. परेशान महिलाओं ने ग्राम में स्थित विद्युत मंडल के ग्रीड के कार्यालय पर ताला लगाकर विद्युत कर्मचारियों को लगभग 4 घंटे बंधक बनाए. विद्युत कटौती में कमी के आश्वासन के बाद कर्मचारियों को रिहा किया गया. जिला मुख्यालय से करीब 18 किलो मीटर दूर स्थित ग्राम सेमलिया की महिलाएं अघोषित विद्युत कटौती से काफी परेशान थी. समय पर बिजली नहीं मिलने के कारण उनका कामकाज ठप हो रहा था, लेकिन शुक्रवार की सुबह लगभग 9.3० बजे गांव की करीब 1००-15० महिलाओं ने सेमलिया विद्युत मंडल ग्रिड कार्यालय को घेर लिया और वहां मौजूद कार्यालय के बाबू राधेश्याम कुमावत, लाईन मेन दलपत सिंह राजपूत एवं ताज मोहम्मद को बंधन बनाकर कार्यालय का ताला जड़ दिया. महिलाओं ने विद्युत कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.

प्रात: 11.3० बजे विभाग के सुपरवाइजर के. सी. सोनी रतलाम से आए जिन्हें भी महिलाओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी कर उनको भी बंधक बना दिया. कुछ समय पश्चात धौंसवास बिजली ग्रिड कार्यालय के सुपरवाइजर श्री अहिरवार, लाईनमेन मांगीलाल कुमावत, दुलचंद मालवीय भी पहुंचे उन्हें भी महिलाओं ने बंधक बनाने की कोशिश की. गांव की महिलाओं का कहना था कि राज्य सरकार के दावों के बावजूद भी बेतहाशा विद्युत कटौती की जा रही है. जिससे खेत में मोटर नहीं चलने से पानी नहीं मिल पाने से अनेक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. गेहूं पिसाने भी दूसरे गांव में जाना पड़ रहा है. महिलाओं में इतना आक्रोश था कि वह वहां मौजूद किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं थी.

प्रदर्शन में सेमलिया सरपंच प्रहलाद धभाई, चन्द्रवीरसिंह राठौड़, मुकेश भंसाली, पंकज सैन, गुणावद सरपंच जुझारसिंह सिसोदिया, कंचन बाई, धापूबाई, श्यामू बाई, आमना आपा, सुगनबाई, गुड्डीबाई, बगदीबाई सहित सौ से डेढ़ सौ ग्रामीण मौजूद थे. घटना की सूचना मिलने पर बांगरोद चौकी के सब इंस्पेक्टर दिनेश वर्मा, नामली थाने के एएसआई दलपतसिंह मौके पर पहुंच गए थे.

जूते की माला पहनाने की कोशिश- घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया था वहां रतलाम से पहुंचे बिजली अधिकारियों को जूते की माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल के मौजूद होने के कारण महिलाएं इस मनसूबे को पूरा नहीं कर पाई. आश्वासन के बाद मानी महिलाएं- रतलाम से पहुंचे अतिरिक्त ग्रामीण अधीक्षण यंत्री एस.के. शर्मा से महिलाओं ने चर्चा की. चर्चा के बाद विद्युत संभाग के श्री शर्मा ने बिजली विभाग के उज्जैन संभाग के अधिकारियों से चर्चा की. चर्चा के बाद श्री शर्मा ने महिलाओं को गांव में 24 घंटे में से 15 घंटे बिजली देने के आश्वासन पर महिलाएं शांत हुई. वर्तमान में 24 घंटे में से केवल 3-4 घंटे ही ग्रामीणों को बिजली दी जा रही थी.

12 गांवों को मिलती है बिजली
सेमलिया विद्युत ग्रिड से सेमलिया, घटवास, बरबोदना, गुणावद, कलोरी, नेगड़दा, बोरदा, धमोत्तर, रूघनाथगढ़ सहित 12 से 13 गांवों में बिजली प्रदाय की जाती है. महिलाओं के इस प्रदर्शन में इन गांवों के ग्रामीण भी उपस्थित थे.

पूर्व में हो चुकी है घटना
विद्युत कटौती की घटनाओं से सेमलिया ग्रिड पूर्व में अछूता नहीं रहा है 16 नवम्बर 2००7 को भी विद्युत की अघोषित कटौती से ग्रामवासियों ने इसी बिजली ग्रिड को आग के हवाले कर दिया था, जिसमें लाखों रू. का नुकसान बिजली विभाग को चुका है.

इनका कहना….

  • घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था. कानून व्यवस्था को बिगडऩे नहीं दिया गया. दलपतसिंह ए.एस.आई., नामली थाना पुलिस
  • विद्युत कटौती के कारण ग्रामीणों में आक्रोश था रतलाम से आए अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ.
    के.सी. सोनी, सुपरवाइजर सेमलिया विद्युत मंडल कार्यालय

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