मुफ्ती, सुषमा ने एक दूसरे को बताया झूठा, उमर ने ली चुटकी

नई दिल्ली, 20 सितंबर. गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दिन तक चले उपवास पर नया विवाद खड़ा हो गया है. ताजा विवाद बीजेपी की वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज के बयान को लेकर उठा है जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर की विपक्षी पार्टी पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती के हवाले से मोदी और गुजरात सरकार के कामकाज की तारीफ  की थी.

दरअसल सुषमा स्वराज ने सोमवार को मोदी के उपवास खत्म करने से ठीक पहले अपने भाषण में कहा था कि 10 सितंबर को राष्ट्रीय कता परिषद की बैठक में पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती ने मुझे जानकारी दी थी कि महबूबा के मुस्लिम मित्र ने उन्हें बताया था कि उन्होंने उद्योग लगाने के लिए नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा था और उन्हें तत्काल समय मिल गया.

मुफ्ती के मुताबिक उनके मित्र को तब आश्चर्य हुआ जब वे मोदी से मिलने उनके दफ्तर पहुंचे. दफ्तर में उन्होंने देखा कि मोदी सभी संबंधित अफ सरों के साथ बैठे हुए हैं. आधे घंटे की चर्चा के बाद उन्हें उद्योग लगाने की इजाजत मिल गई और आज वह उद्योग लगा रहे हैं. सुषमा ने कहा था कि उनकी धुर विरोधी पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती ने भरी मीटिंग में यह बात कही थी.

सुषमा के इस बयान पर आज जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर महबूबा मुफ्ती की आलोचना की है. ट्विटर पर अपनी टिप्पणी में उमर अब्दुल्ला ने लिखा मुझे इस बात पर कोई आश्चर्य नहीं है कि महबूबा मुफ्ती ने मोदी की तारीफ  की. वह जिसकी चाहें तारीफ  कर सकती हैं. मुझे इस बात पर आश्चर्य होगा कि वह तब भी अपने बयान से इनकार करेंगी जब वे जानती हैं कि दूसरों ने उन्हे ऐेसा कहते हुए सुना है.
बजाय इनकार करने के उन्होंने जो कहा है वह उसे मान क्यों नहीं लेतीं. सुषमा स्वराज को झूठा कहने से ज्यादा अच्छा है कि मुफ्ती यह मान लें. कम से कम उनके पिता के पास इतनी समझ थी कि उन्होंने गृह मंत्री के तौर पर लालू प्रसाद यादव को फ़ोन करके आडवाणी को रिहा किए जाने का निर्देश देने की बात स्वीकार की थी. उन्होंने वही किया था जो शुतुरमुर्ग करते हैं.

जेडीयू ने दी धमकी
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश करने की कथित कोशिशें से नडी में दरार पड़ गई है. नडी के प्रमुख घटक दल जनता दल यूनाइटेड ने धमकी दी है कि अगर मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किया गया तो जदयू नडी से नाता तोड़ लेगी.  जदयू के प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा कि मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का उनकी पार्टी समर्थन नहीं करेगी. मोदी गुजरात के 6 करोड़ लोगों को न्याय नहीं दिला पांए हैं तो वह 125 करोड़ लोगों को कैसे न्याय दिला पाएंगे. तिवारी ने मोदी के विकास के नारे को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि गुजरात पहले से विकसित है. इससे मोदी का कोई लेना देना नहीं है.

गौरतलब है कि न तो भाजपा और न ही नडी ने मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है.

इस आलोचना से परेशान महबूबा मुफ्ती सामने आ गई हैं और उन्होंने कहा है कि यह बिल्कुल गलत बात है. उनके मुताबिक मैंने कभी नरेंद्र मोदी की तारीफ नहीं की. कभी कोई ऐसी बात नहीं कही. मुझे बहुत अफसोस है कि सुषमा स्वराज ने मुझे मिसकोट किया. पता नहीं क्यों? मैं अपील करती हूं कि भारत सरकार मेरे भाषण का पूरा रिकॉर्ड रिलीज करे. महबूबा की पार्टी पीडीपी की वेबसाइट पर उपलब्ध उनके बयान में भी ऐसी किसी बात का जिक्र नहीं है.

वहीं सुषमा स्वराज ने विवाद पर सफाई देते हुए ट्विटर पर टिप्पणी की है मैंने कल महबूबा मुफ्ती के हवाले से बिल्कुल सही बयान सामने रखा. वह निजी बातचीत नहीं थी. मैंने वही कहा जो उन्होंने सैकडो़ं लोगों की मौजूदगी में 10 सितंबर को राष्ट्रीय कता परिषद के कार्यक्रम में दोपहर बाद के सत्र में कहा था.

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