राष्ट्रीयविकास परिषद की 56वीं बैठक में प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इतनी अस्थिर चल रही है कि उसका भारत पर असर पडऩा ही है. हमने 9 प्रतिशत विकास दर अनुमानित की है लेकिन अगले 5 सालों तक इस तक पहुंचना संभव नहीं दिख रहा है. उच्च मुद्रास्फीति व बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने से औद्योगिक क्षेत्र बहुत प्रभावित हुआ है. साथ ही अमेरिका व यूरो जोन में आर्थिक संकुचन व संकट भी विश्व की अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव डाल रहा है.

ठीक इसके विपरीत मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने परिषद में मध्यप्रदेश की उज्जवल आर्थिक प्रगति का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि में मध्यप्रदेश की विकास दर का लक्ष्य 7.6 प्रतिशत रखा गया है. वार्षिक आधार पर राज्य ने गत तीन वर्षों में 9 प्रतिशत विकास दर प्राप्त कर ली है. और योजना अवधि तक यह 10.6 प्रतिशत हो जायेगी. उन्होंने दावा किया कि सुशासन में मध्यप्रदेश एक आदर्श राज्य बन गया है. यहां संरचना, पर्यटन और ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि निम्न आय वर्ग में प्रति व्यक्ति आय समाज में असंतुलन पैदा कर रही है. केंद्र को राज्य को इस जरूरत के लिये काफी सहायता देनी चाहिए. पूरे देश में रेल का घनत्व मध्यप्रदेश में सबसे कम है. इससे राज्य के आर्थिक विकास में रुकावट आ रही है. राज्य के रेल के विकास के साथ सड़कों के लिये भी धन चाहिए. अभी तक केवल 1400 करोड़ रुपये दिये गये है- जबकि वास्तविक जरूरत इससे कहीं ज्यादा है. वे इस बात को भी परिषद के ध्यान में लाये कि राज्य में पाला पीडि़त किसान को राज्य ने 1400 करोड़  रुपये मदद दी है लेकिन केंद्र से अभी तक यह राशि प्राप्त नहीं हुई है.

योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री मोन्टेक सिंह अहलूवालिया का विचार है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता अभी दो साल और चलेगी. इन हालातों से हमें सारे प्रयासों से अपनी विकास दर को बढ़ाना भी है और गिरने से रोकना भी है. प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ने गुजरात के मुख्यमत्री श्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के आरोपों से इंकार किया कि केंद्र सरकार राज्यों में विपक्षी पार्टियों की सरकारों  से भेदभाव पूर्ण व्यवहार करती है. जयललिता ने तो नाम लेकर साफ कहा कि केंद्र पश्चिम बंगाल को अधिक सहायता दे रहा है क्योंकि वहां  यूपीए की समर्थक सरकार है. परिषद की बैठकें औपचारिकता मात्र रह गई है. केंद्र राज्य सरकारों को नगर निगम समझती है. गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार पर राज्यों के प्रति संघीय व्यवस्था का उल्लंघन का आरोप लगाया. पंचवर्षीय योजना में कई ऐसी योजनाएं जिनके परिणाम लक्ष्य से काफी नीचे है. देश के विकास में मुद्रास्फीति व बढ़ते मूल्य सबसे बड़ी बाधा है. बार-बार मौद्रिक नीति व ब्याजदरों में परिवर्तन से निवेश में विपरीत प्रभाव पड़ा है. श्री मोदी एवं महाराष्ट के मुख्यमंत्री श्री पृथ्वीराज चव्हाण दोनों का यह कहना था कपास, शक्कर व प्याज का निर्यात  रोककर भावों को बढऩे से रोकने का तरीका गलत है. इससे उत्पादकों व व्यापार जगत को नुकसान होता है.

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