काठमांडू, 6 मई.नेपाल के प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टारई ने रविवार को एक ऐतिहासिक कदम के तहत मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस को शामिल करते हुए राष्ट्रीय सरकार का गठन कर लिया.

सरकार के गठन से देश में वर्षों से जारी उथल -पुथल के समाप्त होने और नया संविधान लागू किये जाने की उम्मीदें बढ़ गईं हैं. राष्ट्रीय सरकार के गठन को लेकर विपक्षी पार्टियों के साथ करार होने के बाद भट्टारई की कैबिनेट ने बृहस्पतिवार को इस्तीफा दे दिया था. विपक्षी पार्टियों का कहना था कि नए संविधान पर सहमति बनने से पहले राष्ट्रीय सरकार का गठन जरूरी है.

प्रधानमंत्री के प्रवक्ता राम रिजन यादव ने बताया कि पूर्व माओवादी नेता भट्टारई ने पहले चरण में 11 सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन किया है. जिसमें उनकी खुद की नेपाल की एकीकृत कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पांच, मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के दो तथा क्षेत्रीय स्तर की छोटी पार्टियों के चार सदस्य शामिल हैं. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (एमाले) के नामित सदस्यों की भी नियुक्ति करेंगे. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया सोमवार तक पूरी हो जाने की संभावना है . एमाले भी वामपंथी विचारधारा वाली विपक्षी पार्टी है .नेपाल में 2006 में माओवादी विद्रोह तथा उसके दो वर्ष बाद राजशाही समाप्त होने के बावजूद यहां राजनीतिक अस्थिरता बरकरार रही है. वर्ष 2006 के शांति समझौते के तहत नये संविधान को लागू किया जाना देश के समक्ष प्रमुख चुनौती है. हालांकि पहले गणतांत्रिक संविधान को 27 मई तक अंतिम रूप दे दिए जाने की संभावना है लेकिन संघीय प्रांतों की स्थापना को लेकर राजनीतिक दलों में गहरे मतभेद हैं.

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