प्रधानमंत्री भी लिख चुके हैं पत्र

भोपाल, 4 जून. कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की है कि मर्जर एग्रीमेंट की भूमि को विवादित न किया जाये क्योंकि भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश की स्थापना के 7 वर्ष पहले ही 1949 में भोपाल नवाब के साथ समझौता करके श्यामला दिया, ईदगाह, सफे ए खास, बेटागाँव, बोरवन, लाऊखेड़ी, बैरागढ़ सहित 250 गाँवों की जमीन को नवाब भोपाल को अधिकृत किया था.

इस समझौते में मालिकाना हक प्रदान किये थे उन पर नवाब परिवार का अधिकार था. समय-समय पर जरूरत के अनुसार परिवार के वारिसों द्वारा उनका विक्रय कर खरीददारों को उनकी रजिस्ट्री कराई. जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पी.सी. शर्मा, प्रवक्ता आनंद तारण ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की है कि आज 62 वर्षो के बाद जिला प्रशासन पिछले 9 वर्ष से बैरागढ़ सहित नवाब भोपाल के मर्जर एग्रीमेंट वाले रकबो की खरीद, बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर नागरिको को परेशान कर रहे है एवं बार-बार पेशी पर बुलाकर मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है जो अनुचित है.

नेता द्वय ने कहाकि 1956 में म.प्र. का गठन हुआ उससे पूर्व 1949 में जो समझौता भारत सरकार एवं नवाब भोपाल के मध्य हुआ है एवं सिंधी समुदाय को बैरागढ़ में भारत सरकार द्वारा बसाया गया था अकारण ही वहाँ के रहवासियों को खुद की रजिस्ट्री एवं पक्के मकानों में रहने के बाद उन पर प्रतिबंध समझ से परे है. कांग्रेस कमेटी सभी प्रभावित नागरिकों के साथ है जो मर्जर एग्रीमेंट को जमीन को विवादित बनाने से हो रहे एवं उनके हक के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे एवं उनके साथ है. जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मर्जर एग्रीमेंट के नाम पर श्यामला दिया. ईदगाह दिया एवं सफ ए खास सहित 250 गावों, लाऊखेड़ी, बेटागाँव, बोरवन के नागरिकों को परेशान न किया जावे.

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